पाकिस्तान में एक बार फिर से भारत और मोदी सरकार का खौफ देखने को मिला है. ताजा मामले में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने खुलासा करते हुए कहा है कि भारत के फायटर प्लेन पायलट अभिनंदन वर्धमान को भारत के खौफ के कारण पाकिस्तान ने छोड़ा था.
पाकिस्तान की संसद में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने भारत से डर का खुलासा करते हुए कहा है कि भारत के खौफ के कारण पिछले साल विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की रिहाई हुई थी. भारत को खुश करने के लिए अभिनंदन को छोड़ा गया था.
वहीं पाकिस्तान असेंबली के पूर्व स्पीकर अयाज सादिक ने कहा, 'उस समय पाकिस्तान को डर था कि कहीं भारत उस पर हमला न कर दे. भारत के हमले की आशंका से उस समय पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के पैर कांप रहे थे और चेहरे पर पसीना आ रहा था. बाजवा को भारत के हमले का डर सता रहा था.'
अयाज सादिक ने कहा, 'विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी कांप रहे थे. अभिनंदन को लेकर वो कह रहे थे कि खुदा के वास्ते उसे जाने दें. पाकिस्तान को डर था कि अगर फायटर प्लेन पायलट अभिनंदन को रात 9 बजे तक रिहा नहीं किया गया तो भारत पाकिस्तान पर हमला करेगा.'
वहीं इस मामले पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'राहुल जी, आप सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठा रहे थे ना? जरा देखिए मोदी जी का क्या खौफ है पाकिस्तान में सरदार अयाज सादिक बोल रहे है पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में की पाक के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पैर कांप रहे थे और चेहरे पर पसीना था, कहीं भारत अटैक न कर दे! समझें?'
राहुल जी,
— Sambit Patra (@sambitswaraj) October 28, 2020
आप Surgical Strike औरAir Strike पर सवाल उठा रहे थे ना?
ज़रा देखिए मोदी जी का क्या ख़ौफ़ है पाकिस्तान में
सरदार अयाज़ सादिक़ बोल रहे है पाकिस्तान के National Assembly में की Pak के Cheif of Army Staff के पैर काँप रहे थे और चेहरे पर पसीना था,कहीं भारत अटैक न कर दे!
समझें? pic.twitter.com/QdzxKetUzW
क्या था मामला?
बता दें कि फरवरी 2019 में पाकिस्तान ने हमले के लिए अपने फाइटर जेट भारत में भेजे थे. जिसका जवाब देने के लिए भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने मिग-21 में उड़ान भरी थी. इस दौरान अभिनंदन का विमान क्रैश हो गया और पीओके में जा गिरे. जहां उनको पाकिस्तान की सेना ने पकड़ लिया था. हालांकि इसके बाद पाकिस्तान पर काफी दबाव बनाया गया, जिसके बाद अभिनंदन को अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत वापस लौटाया गया था.