अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जे की लड़ाई में जुटा तालिबान (Taliban) खुद की छवि बचाने के लिए अब भारत के पत्रकार दानिश सिद्दीकी (Danish Siddiqui) की हत्या से पल्ला झाड़ने में जुट गया है. स्पिन बोल्दक पर तालिबान के हमले के दौरान दानिश की मौत हुई. वे इस युद्धग्रस्त क्षेत्र में मीडिया कवरेज के लिए गए थे लेकिन तालिबान के हमले का शिकार हो गए. दानिश की इस तरह हत्या से तालिबान की खूब आलोचना हो रही है. इस मामले में चौतरफा घिरा तालिबान अब हत्या में अपना रोल होने से ही इनकार करने में जुटा है. उल्टा पूरी बेशर्मी से वो तर्क ये दे रहा है कि अगर दानिश को वहां कवरेज के लिए आना था तो उन्हें पहले तालिबान से इजाजत लेनी चाहिए थी.
इससे पहले अफगानी सेना के कमांडर बिलाल अहमद ने आजतक को बताया था कि तालिबानियों ने किस हद तक दानिश के शव के साथ बर्बरता की थी. अफगान कमांडर ने इसके पीछे यह कारण बताया था कि दानिश भारतीय थे और तालिबानी भारत से नफरत करते हैं. आजतक/ इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार अशरफ वानी ने तालिबान के प्रवक्ता और कमांडर मौलाना यूसुफ अहमदी से कंधार में बातचीत की. जानिए तालिबानी कमांडर ने इंटरव्यू के दौरान क्या-क्या कहा,
सवाल- अफगानिस्तान में तालिबान के ताजा स्थिति क्या है, आप लोगों के नियंत्रण में कितना क्षेत्र है?
जवाब- बिस्मिल्लाह रहमान रहीम, हम लोगों ने अफगानिस्तान का लगभग 85 फीसदी हिस्सा अपने नियंत्रण में ले लिया है. जल्द ही 15 प्रतिशत हिस्से पर भी नियंत्रण पा लेंगे.
सवाल- कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना और ISI तालिबान को पूरा समर्थन दे रहे हैं और साजो सामान भी पहुंचा रहे हैं?
जवाब- नहीं, ये हमारे दुश्मनों का फैलाया प्रोपेगेंडा है, हम अपने बल पर लड़ रहे हैं और आगे भी अपने दम पर ही लड़ाई लड़ेंगे.
सवाल- अफगानिस्तान में कई लोग, विशेषकर महिलाएं आप से और आप के शासन से डरे हुए हैं.
जवाब- नहीं, ये सही नहीं है, हम महिलाओं और अफगानिस्तान के अन्य लोगों को उनका सभी अधिकार देंगे.
सवाल- हाल ही में अफगानिस्तान के कई हिस्सों में पोस्टर नजर आए थे जिसमें कहा गया था कि महिलाओं के आने जाने और नौकरी करने पर प्रतिबंध है.
जवाब- नहीं, हमने नियम या फरमान वाले कोई पोस्टर नहीं लगाए हैं. हमें बदनाम करने के लिए हमारे दुश्मनों ने यह पोस्टर लगाए.
सवाल- हाल ही में तालिबान ने भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी पर स्पिन बोल्दक में हमला किया और मार दिया, क्यों?
जवाब- हमने उन्हें नहीं मारा, वो दुश्मन सेना के साथ थे और अगर किसी पत्रकार को यहां आना है तो हमसे बात करे, हम पहले से ही देश में पत्रकारों के संपर्क में हैं.
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सवाल- तालिबान संपत्ति को नुकसान क्यों पहुंच रहा है और खासकर भारत द्वारा बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर्स को?
जवाब- यह भी दुश्मनों की हमें बदनाम करने की ट्रिक है. दुश्मन सेना जंग के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा रही है. हम केवल, कैंप और पोस्ट को नुकसान पहुंचा रहे हैं ताकि दोबारा उनका इस्तेमाल ना हो सके. हम अस्पताल और स्कूलों को नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं.
नोट- (तालिबान के प्रवक्ता ने केवल फोन पर ही बात करने की सहमति जताई और कुछ वीडियो साझा किए. इन वीडियोज में एक वीडियो ऐसा भी था जिसमें नजर आ रहा है कि तालिबान ने एक सुसाइड स्क्वायड बनाया है, जिसमें लड़ाकों का कहना है कि वो अपनी मर्जी से स्क्वायड में शामिल हो रहे हैं और वो अफगानिस्तान में दुश्मन सेना के जगहों को नुकसान पहुंचाएंगे.)