अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) का वर्चस्व लगातार मज़बूत होता जा रहा है. अफगानी सेना और तालिबानी लड़ाकों के बीच की जंग लगातार जारी है, लेकिन बीते दो दिनों में तालिबान की ओर से हमला और भी तेज़ कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में ही तालिबान ने पांच प्रांतीय राजधानियों को अपने कब्जे में ले लिया है.
तालिबान ने सोमवार को ही अफगानिस्तान के Sar-e Pul पर कब्जा जमाया. यहां से कुछ वक्त पहले ही अमेरिकी और नाटो फोर्स वापस गई हैं. जिसके बाद से ही तालिबान ने अपना हमला करना तेज़ कर दिया था.
इसी के साथ अबतक कुल पांच ऐसे बड़े शहर हैं, जो तालिबान के कब्ज़े में हैं. कुंदुज़, सर-ए-पॉल और तालोकन प्रांत के शहरों में अब तालिबान का कब्जा है. ये पांच शहरों में सिर्फ पिछले तीन दिनों में ही कब्जा हुआ है. जबकि पिछले हफ्ते ही तालिबान कई अन्य प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा जमा चुका है.
समर्थन जारी रखेगा अमेरिका...
अफगानिस्तान से अपनी सेना वापस बुलाने के बाद अमेरिका अभी भी यहां एक्टिव रहना चाहता है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान की सैन्य व्यस्तता की बढ़ती गति, जिसके कारण पक्षों के बीच सशस्त्र संघर्ष में नागरिक हताहत हुए और कथित मानवाधिकार अत्याचार, गंभीर चिंता का विषय हैं.
अफगान सुलह के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जलमय खलीलजाद रविवार को दोहा के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने युद्धग्रस्त देशों में तेजी से बिगड़ती स्थिति के लिए एक संयुक्त अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया तैयार करने में मदद की.
तीन दिनों में कई नियोजित दौरों की बैठकों में, क्षेत्र और उससे परे के देशों के साथ-साथ बहुपक्षीय संगठनों के प्रतिनिधि हिंसा और युद्धविराम को कम करने और बल द्वारा थोपी गई सरकार को मान्यता नहीं देने की प्रतिबद्धता के लिए दबाव डालेंगे.
विदेश विभाग ने कहा कि वह तालिबान पर अपने सैन्य हमले को रोकने और एक राजनीतिक समझौते पर बातचीत करने के लिए दबाव डालेंगे, जो अफगानिस्तान में स्थिरता और विकास का एकमात्र रास्ता है.
दोहा में फिर होनी है बातचीत...
अमेरिका का कहना है कि युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत से शांति ही एकमात्र रास्ता है और अमेरिका राजनीतिक समझौते पर आम सहमति को आगे बढ़ाने के लिए सभी पक्षों और क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हितधारकों के साथ काम करना जारी रखेगा.
बता दें कि दोहा मंगलवार से शुक्रवार तक अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया पर अंतर्राष्ट्रीय बैठकों की मेजबानी करेगा. इन बैठकों में अमेरिका, चीन, पाकिस्तान, रूस, एन के प्रतिनिधि और अंतर-अफगान वार्ता के अन्य मध्यस्थ शामिल होंगे. राष्ट्रीय सुलह के लिए उच्च परिषद के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला और शांति मामलों में राज्य मंत्री सैयद सआदत मंसूर नादेरी भी काबुल सरकार की ओर से दोहा पहुंचे हैं.
(एपी, पीटीआई के इनपुट की मदद से)