अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा हो चुका है. अफगानी सेना के सरेंडर के बाद से ही तालिबान ने देश में अपनी सरकार बनाने का दावा पेश किया है. अब तालिबानी प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी इसी कड़ी में बड़ा बयान दिया है. कहा गया है कि नई सरकार को लेकर बातचीत शुरू हो चुकी है. जल्द ही अफगानिस्तान में नई सरकार का गठन कर दिया जाएगा.
अफगानिस्तान में जल्द बन सकती है तालिबान सरकार
जारी किए गए बयान में कहा गया है कि नई सरकार को लेकर अफगान के राजनेताओं संग बातचीत जारी है. जल्द ही अब नई सरकार का ऐलान कर दिया जाएगा. तालिबान का ये बयान उस समय सामने आया है जब उसने अफगानिस्तान के ज्यादातर इलाकों पर अपना कब्जा जमा लिया है. वहीं हक्कानी नेटवर्क संग भी तालिबान ने हाथ मिला लिया है. ऐसे में नई सरकार को लेकर कयास तो लंबे समय से लगाए जा रहे थे, अब जल्द ही कोई औपचारिक ऐलान भी किया जा सकता है.
कई अफगान नेता नहीं हैं खुश
इससे पहले शनिवार को भी काबुल में तालिबानी नेताओं की पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई संग अहम बैठक हुई थी. उस बैठक में भी नई सरकार और अफगानिस्तान की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई. अब तालिबान जरूर सभी से बातचीत कर नई सरकार के गठन की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी भी कई नेता इस प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं. अफगान नेता Sayed Eshaq Gailani ने जोर देकर कहा है कि तालिबान की तरफ से हर कोई अपने आप को बड़ा दिखाने की कोशिश कर रहा है. सभी अपने आप को आगे रखना चाहते हैं. लेकिन अफगानी लोगों के लिए कोई सम्मान नहीं दिखाया जाता.
तालिबान संग युद्ध करने की चेतावनी
वहीं बल्ख के पूर्व राज्यपाल अता मोहम्मद नूर ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें अफगानिस्तान में बनने जा रही नई सरकार मंजूर नहीं है. उनकी नजरों में देश में अब या तो एक समावेशी सरकार का गठन होगा या फिर तालिबान संग युद्ध छेड़ा जाएगा. वे कहते हैं कि ये जंग अभी खत्म नहीं हुई है. अभी एक लंबा सफर तय करना है. हम तालिबान की अच्छे से परीक्षा लेंगे. इस देश में अब या तो एक समावेशी सरकार बनेगी या फिर तालिबान संग लंबा युद्ध चलेगा.
पाकिस्तान की नीयत पर सवाल
अब एक तरफ तालिबान की बढ़ती ताकत से दुनिया परेशान है तो वहीं पाकिस्तान की नीयत पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. पाकिस्तान के पीएम इमरान खान तो पहले ही तालिबान के समर्थन में बयान दे चुके हैं, अब विदेश मंंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अफगानिस्तान की स्थिति पर रूस से बात की है. कहा गया है कि अफगानिस्तान में एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो अफगान लोगों के हित का ध्यान रखे.