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तालिबान का PAK बॉर्डर से लगते प्रांत पर कब्जा, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति बोले- सेना को करेंगे एकजुट

अफगानिस्तान में तालिबान के कहर के बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने शनिवार को देश को संबोधित किया. उन्होंने आगे का प्लान बताते हुए कहा कि सेना को फिर से संगठित करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है.

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अफगानिस्तान में पकड़ मजबूत करता जा रहा है तालिबान
अफगानिस्तान में पकड़ मजबूत करता जा रहा है तालिबान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अफगानी राष्ट्रपति गनी ने किया संबोधित
  • 'सेना को फिर से एकजुट करना प्राथमिकता'
  • ज्यादातर इलाकों पर कब्जा जमा चुका है तालिबान

अफगानिस्तान में तालिबान के कहर के बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने शनिवार को देश को संबोधित किया. उन्होंने आगे का प्लान बताते हुए कहा कि सेना को फिर से संगठित करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है. गनी ने यह संबोधन उस समय दिया है, जब तालिबान एक-एक करके अफगान के बड़े शहरों पर कब्जा जमाता जा रहा है और राजधानी काबुल से महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है.

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तालिबान ने पाकिस्तान की सीमा से लगने वाले पक्तिका प्रांत की राजधानी पर भी कब्जा कर लिया है. इस बीच, कयास लगाए जा रहे थे कि राष्ट्रपति अशरफ गनी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. हालांकि, सूत्रों ने इन अटकलों को खारिज कर दिया था और दावा किया था कि गनी ऐसा नहीं करेंगे. 

टीवी के जरिए से दिए गए संबोधन में अशरफ गनी ने कहा, ''वर्तमान स्थिति में, हमारे सुरक्षा और रक्षा बलों को फिर से संगठित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस संबंध में गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं." उन्होंने आगे कहा कि एक ऐतिहासिक मिशन के रूप में, मैं लोगों पर थोपे गए युद्ध को और अधिक मौतों का कारण नहीं बनने दूंगा और इसलिए मैंने सरकार के बुजुर्गों, राजनीतिक नेताओं, लोगों के प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ एक उचित और निश्चित राजनीतिक समाधान करने के लिए व्यापक परामर्श शुरू किया है. इससे अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता आने की उम्मीद लगाई जा रही है.

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इससे पहले, अशरफ गनी ने शुक्रवार को तालिबान के बढ़ते वर्चस्व के बीच राष्ट्रीय मसलों पर बैठक की थी. इस बैठक के बाद उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने ट्वीट कर कहा था, ''राष्ट्रपति अशरफ गनी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले पर बैठक की गई.

इस बैठक में दृढ़ विश्वास और संकल्प के साथ तय किया गया कि हम तालिबान आतंकवादियों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और हर तरह से राष्ट्र को मजबूत करने के लिए सब कुछ करते हैं. हमें अपने ANDSF पर गर्व है.'' अफगानिस्तान के दो-तिहाई हिस्सों पर तालिबान का कब्जा हो गया है. ज्यादातर प्रांत अब तालिबान के लड़ाकों के कब्जे में हैं. तालिबान राष्ट्रपति अशरफ गनी को राष्ट्रपति के पद से हटाकर सत्ता पर काबिज होना चाहता है.

अमेरिकी सैनिकों की वापसी से बिगड़े हालात

दरअसल, अफगानिस्तान में दो दशक तक अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी रही, जिससे तालिबान कभी भी कब्जा नहीं कर सका. वहीं, हाल ही में अमेरिका ने अफगान से अपने सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला लिया, जिसके बाद वहां पर हालात बिगड़ते चले गए.

बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक अपने वतन वापस लौट चुके हैं और सितंबर तक अफगानिस्तान अमेरिकी सैनिकों से खाली हो जाएगा. अफगानिस्तान 9/11 के हमले के बाद अफगानिस्तान में आया था. तालिबान ने हाल ही में हेरात, मजार-ए-शरीफ के बाहरी इलाकों समेत कई शहरों पर कब्जा जमा लिया है. इसके अलावा, पाकिस्तान की सीमा से लगे पक्तिका प्रांत की राजधानी पर कब्जा कर लिया है.

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