अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान छोड़ने से पहले ISIS-K के आतंकियों को निशाना बनाना की कोशिश की. अमेरिका का दावा है कि कुछ आतंकियों को मार दिया गया है, हालांकि इस दौरान हमले में कई आम लोगों की भी जान गई है. इस सबके बीच भारत समेत अन्य देशों की ओर से भी अपने लोगों को निकालने की कोशिश चल रही है. अफगानिस्तान पर ताज़ा अपडेट के लिए साथ बने रहें...
काबुल हवाईअड्डे से अमेरिका का फाइनल डिपार्चर जारी है और मुख्य राजनयिक कर्मचारी जा चुके हैं. यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी जो सोमवार को काबुल छोड़ चुके थे, ने रॉयटर्स को दी. एक दूसरे अधिकारी ने पुष्टि की कि बड़ी संख्या में राजनयिक बाहर निकल गए हैं. अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि क्या उनमें शीर्ष राजदूत रॉस विल्सन शामिल हैं या नहीं, जिनके जाने वाले अंतिम लोगों में शामिल होने की उम्मीद है.
चीन ने अमेरिका से कहा है कि अफगानिस्तान की स्थिति में मूलभूत परिवर्तन हुए हैं और सभी पक्षों के लिए तालिबान के साथ संपर्क बनाना और उसे सक्रिय रूप से मार्गदर्शन करना आवश्यक है. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान 31 अगस्त की समय सीमा से पहले अमेरिका और नाटो देशों द्वारा अफगान नागरिकों और राजनयिकों के एयरलिफ्ट के बीच अफगानिस्तान में बिगड़ती स्थिति पर चर्चा की.
स्वघोषित राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने कहा कि आइए डर को दूर करें और सही के लिए खड़े हों. वैश्विक समुदाय और विशेष रूप से पश्चिमी देशों के पास खोने के लिए बहुत कुछ है. यह मेरे राष्ट्रपति पद की बात नहीं है, बल्कि कट्टरवादी और आतंकियों के खिलाफ हार नहीं मानने की बात है.
अफगानिस्तान पर मानवरहित हवाई हमले में अमेरिका ने हेलफायर मिसाइल का इस्तेमाल किया, जिसे काफी घातक और टारगेट को सटीक निशाना बनाने के लिए पहचाना जाता है. एयरस्ट्राइक के दौरान हेलफायर मिसाइल ब्लास्ट नहीं करती है, बल्कि उसमें से चाकू जैसे ब्लेड्स निकलते हैं जोकि आतंकियों या फिर जिसको भी टारगेट किया गया है, उसके लिए प्राणघातक साबित होते हैं. (क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर)
अफगानिस्तान की धरती को छोड़ने से पहले अमेरिका काबुल में जमकर बम बरसा रहा है. अमेरिका ने दावा किया है कि आईएसआईएस-के के खूंखार आतंकी उसके निशाने पर हैं. ऐसे में उसने काबुल में एयरस्ट्राइक भी की. अब तालिबान ने कहा है कि काबुल में अमेरिका द्वारा किए गए ड्रोन हमले में नागरिक भी मारे गए हैं.
UNHCR ने पड़ोसी देशों से अफगान शरणार्थियों के लिए सीमाएं खुली रखने का आग्रह किया. उसने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सहायता की पेशकश के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन आबादी तक पहुंच की जरूरत है.
अफगानिस्तान (Afghanistan) की सत्ता पर काबिज हुए तालिबान (Taliban) को दो हफ्ते हो चुके हैं. और अब तालिबान ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं. तालिबान ने सोमवार को देश में पूरी तरह से कोएजुकेशन पर रोक लगा दी है. साथ ही ये फरमान भी जारी किया है कि अब से पुरुष टीचर छात्राओं को नहीं पढ़ा सकेंगे.
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अफगानिस्तान पर तालिबान का राज स्थापित होने के बाद पड़ोसी देशों के साथ संबंध को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इन सभी के बीच तालिबान ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान को अपने विवाद के बीच अफगानिस्तान को नहीं घसीटना चाहिए.
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तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्ला अखुंदजादा की नई तस्वीर सामने आई है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिबतुल्ला अखुंदजादा अभी कंधार में है. माना जा रहा है कि जल्द ही वह लोगों के सामने आ सकता है और इसी के बाद तालिबान की नई सरकार बनने की ओर कदम बढ़ाए जाएंगे.
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तालिबान ने सोमवार को मौलवी मोहम्मद सरदार जादरान को गिरफ्तार कर लिया है. जादरान अफगानिस्तान के नेशनल काउंसिल ऑफ रिलीजियस स्कॉलर्स के प्रमुख रह चुके हैं. तालिबान ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है.
अमेरिका ने अफगानिस्तान में मौजूद अपने दूतावास के सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. अमेरिका के सिर्फ 300 के करीब नागरिक अब काबुल में मौजूद हैं.
US evacuates all Afghan embassy staff: report https://t.co/VdKKMir3QY pic.twitter.com/6pZcYaC0Kk
— The Hill (@thehill) August 30, 2021
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अमेरिका समेत कई नाटो देशों ने 31 अगस्त तक अफगानिस्तान छोड़ने की बात की थी. ऐसे में अब 48 घंटे से भी कम का वक्त बचा है, जब विदेशी सैनिक काबुल छोड़ चुके होंगे. जानकारी के मुताबिक, काबुल एयरपोर्ट पर अब 1000 से भी कम विदेशी बचे हैं, जिनकी घर वापसी होनी है.
अफगानिस्तान के काबुल में सोमवार सुबह फिर रॉकेट दागे गए हैं. सुबह करीब 6.40 बजे यहां काबुल एयरपोर्ट के पास रॉकेट्स से हमला किया गया है.
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अफगानिस्तान के काबुल के ऊपर से सोमवार सुबह कई रॉकेट्स गुजरने की खबर सामने आई है. इन रॉकेट्स का टारगेट क्या है, इसकी अभी जानकारी नहीं है. ये रॉकेट्स बीते दिन काबुल एयरपोर्ट पर की गई अमेरिकी एयरस्ट्राइक के तुरंत बाद दिखाई दिए हैं.
अमेरिकी सेना को 31 अगस्त तक काबुल छोड़ना है और उससे पहले लगातार अमेरिका द्वारा यहां पर एयरस्ट्राइक की जा रही है. पहले ISIS-K के आतंकियों को निशाना बनाया गया और उसके बाद विस्फोटक से भरे वाहन को निशाना बनाया गया था.
अमेरिका द्वारा काबुल में की गई एयरस्ट्राइक में विस्फोटक से भरे वाहन को निशाना बनाया गया. एयरस्ट्राइक में कुछ आम नागरिकों की मौत हुई, जिसमें बच्चे भी शामिल थे. अमेरिकी सैनिकों का काबुल छोड़ना लगातार जारी है. अभी भी काबुल एयरपोर्ट के लिए अलर्ट जारी किया गया है और किसी भी हमले का डर जताया गया है.