इथोपिया में हुई विमान दुर्घटना के बाद बोइंग 737-मैक्स 8 विमानों पर सवाल उठने लगे हैं. सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) इस बात पर मंथन करने जा रहे हैं कि इस तरह के विमानों के बारे में क्या फैसला किया जाए. सोमवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक भारत में स्पाइस जेट और जेट एयरवेज इस विमान का इस्तेमाल करते हैं. स्पाइस जेट ने 255 विमानों का ऑडर्र दे रखा है उसमें 155 यही विमान हैं.
इससे पहले चीन ने अपनी विमानन कपनियों को आदेश दिया है कि बोईंग 737-मैक्स 8 विमान के परिचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी जाए.
इथोपिया में रविवार को हुई विमान दुर्घटना में 157 लोगों की मौत हो गई थी. इसमें 4 भारतीय भी थे. 5 महीने से भी कम समय में बोइंग 737 मैक्स-8 के साथ होने वाला यह दूसरा हादसा है. इससे पहले अक्टूबर 2018 में इंडोनेशिया की लायन एयर कंपनी का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इसमें 189 लोगों की मौत हो गई थी.
नागर विमानन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि वह बोइंग 737 मैक्स विमान पर आगे उठाए जाने वाले जरूरी कदमों को लेकर डीजीसीए के साथ चर्चा की जाएगी.
जेट एयरवेज ने 225 बोइंग-737 मैक्स विमानों का ऑर्डर दिया हुआ है. इनमें से कुछ की आपूर्ति भी हो चुकी है. स्पाइस जेट ने भी अपनी विस्तार योजना के तहत बोईंग को 205 विमानों का ऑर्डर दिया है और इसमें कम से कम 155 विमान बोईंग 737 मैक्स-8 हैं.
दोनों कंपनियों ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है. दुनियाभर में 737 मैक्स बोइंग के इतिहास में सबसे तेजी से बिकने वाला विमान है. प्लेन्स पॉटर्स डॉट नेट के मुताबिक मौजूदा समय में स्पाइस जेट के बेड़े में 13 और जेट एयरवेज के पास 8 बोइंग 737 मैक्स-8 विमान हैं.हालांकि चीन और इथोपिया की सरकारी विमानन कंपनियों ने घटना के बाद तत्काल प्रभाव से इन विमानों का परिचालन रोक लगा दी है.