हवाई जहाज में सिगरेट पीना कितना महंगा पड़ सकता है, यह जर्मनी के मथियास जॉर्ग ने कभी सोचा भी नहीं होगा.
दरअसल, 54 वर्षीय मथियास जॉर्ग सिंगापुर से ब्रिस्बेन जाने के लिए विमान में बैठे. विमान में जॉर्ज को सिगरेट की ऐसी तलब लगी कि वे विमान में ही सिगरेट जलाने की कोशिश करने लगे. साढ़े सात घंटे के इस सफर में जॉर्ज ने कई बार सिगरेट पीने की कोशिश की. बात यहीं नही रुकी. जब केबिन क्रू ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे आक्रामक हो गए. हालात यहां तक पहुंच गए कि केबिन क्रू ने पूरे सफर के दौरान उनके हाथ-पैर बांधे रखे.
ब्रिस्बेन पहुंचते ही जॉर्ग को पुलिस हिरासत में ले लिया गया. उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां उन पर विमान में सिगरेट पीने, क्रू मेंबर से मारपीट करने और क्रू को ड्यूटी के दौरान प्रभावित करने का आरोप लगाया गया. जॉर्ग ने भी दावा किया कि क्रू से हाथापाई के दौरान वे घायल हुए हैं.
जॉर्ग को जमानत के बदले अपना पासपोर्ट ऑस्ट्रेलिया पुलिस को जमा कराने के लिए कहा गया. साथ ही उनके ऑस्ट्रेलिया से बाहर जाने पर भी रोक लगा दी गई. पहले तो जॉर्ग ने इन शर्तों का विरोध किया पर बाद में वो अपना पासपोर्ट पुलिस को सौंपने पर तैयार हो गए.
ब्रिस्बेन की अदालत में 10 जनवरी को मथियास जॉर्ग की फिर से पेशी होगी. आपको बता दें कि विमान में यात्रियों के इस तरीके के व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोई नियम-कानून नहीं बनाए गए हैं, लेकिन फिर भी ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए केबिन क्रू को उस देश के कानून के हिसाब से काम करना होता है, जहां वो विमान रजिस्टर्ड है.