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ईरान पर अमेरिका का यू-टर्न? रुबियो बोले- फिलहाल नए हमले की तैयारी नहीं

मार्को रुबियो ने सहयोगी देशों के विदेश मंत्रियों से कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर नए हमले की तैयारी नहीं कर रहा है. इससे संकेत मिला है कि वॉशिंगटन अभी सैन्य कार्रवाई बढ़ाने के बजाय प्रतिबंध, नौसैनिक दबाव और होर्मुज में तेल आवाजाही पर फोकस रखेगा.

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अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो. (Photo- ITG)
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो. (Photo- ITG)

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कई सहयोगी देशों के विदेश मंत्रियों को बताया है कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर नए हमले शुरू करने की योजना नहीं बना रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन की रणनीति अब सीधे सैन्य हमलों के बजाय आर्थिक और समुद्री दबाव बढ़ाने की है. हालांकि, ईरान की तरफ से हमला होने की स्थिति में अमेरिका ने सैन्य विकल्प खुला रखा है.

अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ा रहा है. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस अभियान ने ईरान की उस क्षमता को काफी कमजोर कर दिया है, जिसके जरिए वह दुनिया के ऊर्जा बाजारों पर दबाव बना सकता था. अमेरिकी सेना स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें हटाने की कोशिश कर रही है. कुछ तेल टैंकरों ने दक्षिणी रास्ते से आवाजाही शुरू की है.

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ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को धमकी

इसके साथ ही वॉशिंगटन ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है. नए प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को भी चेतावनी दी जा रही है कि उन्हें अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह रणनीति नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव तक जारी रह सकती है.

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होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का पहरा

अमेरिका का दावा है कि नौसैनिक नाकेबंदी की वजह से ईरान के तेल निर्यात पर भी असर पड़ा है. वहीं, ईरान ने अमेरिकी दबाव को गैरकानूनी बताते हुए खारिज किया है. इनके अलावा ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल जहाजों की आवाजाही पर फीस लगाने को लगभग अंतिम रूप दे दिया है. संसदीय समिति ने ऐलान किया है कि होर्मुज से मेंटेनेंस और नेविगेशन फीस लेगा. यह अभी लागू नहीं हुआ है.

ईरान-ओमान की स्थायी कॉरिडोर बनाने पर चर्चा

इसी बीच ईरान और ओमान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग को सुरक्षित बनाने के लिए अस्थायी समुद्री कॉरिडोर बनाने पर चर्चा की है. दोनों देशों ने जलमार्ग से बारूदी सुरंगें हटाने पर भी काम करने की बात कही है. हालांकि, इलाके में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और एक तेल टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला होने की खबर भी सामने आई है.

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पाकिस्तान की ईरान-अमेरिका की मध्यस्थता में शामिल होने की कोशिश

उधर, पाकिस्तान भी अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश तेज कर रहा है. पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर हाल में ईरान पहुंचे और वहां के नेताओं से बातचीत की. ऐसे में फिलहाल अमेरिका की रणनीति सीधे हमले से ज्यादा ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर कर बातचीत की मेज पर लाने की दिखाई दे रही है.

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