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एक दशक में परमाणु हथियारों की संख्या दोगुनी कर सकता है चीन, US की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

चीन जिस तरह से बर्ताव कर रहा है उससे दुनिया के लिए एक संकट की स्थिति पैदा हो गई है. अमेरिका की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन अपने परमाणु हथियारों को दोगुना करने में जुटा है.

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चीन के नापाक इरादों पर दुनिया की निगाहें (फाइल फोटो)
चीन के नापाक इरादों पर दुनिया की निगाहें (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चीन को लेकर पेंटागन का खुलासा
  • परमाणु हथियार दोगुना कर रहा चीन: US
  • भारत समेत कई देशों से बुरे हैं इस वक्त संबंध

चीन का इस वक्त सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि कई देशों के साथ तनावपूर्ण संबंध चल रहा है. कोरोना संकट सामने आने के बाद दुनिया में चीन के प्रति गुस्सा काफी हद तक बढ़ गया है. इस बीच चीन को लेकर पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय हेडक्वॉर्टर) ने चौंकाने वाली रिपोर्ट दी है. रिपोर्ट के अनुसार, अगले एक दशक में चीन अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को दोगुना करने में लगा है. अभी ये संख्या 200 के करीब है लेकिन इसे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं.

पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार, चीन जमीन, हवा और समुद्र हर ओर इसके इस्तेमाल की तैयारी कर रहा है. ये खुलासा कांग्रेस को दी जाने वाली सालाना रिपोर्ट में हुआ है. जिसमें दावा किया गया है कि चीन के परमाणु हथियारों की संख्या अब अमेरिका के बराबर हो चली है.

चीन अब अपने हथियारों को दोगुना करने की कोशिश कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, उसके पास इस वक्त इतना सामान है कि वो आसानी से इसका प्रोडक्शन कर सकता है जो कि दुनिया के लिए चिंता की बात हो सकती है. बता दें कि हाल ही में ग्लोबल टाइम्स ने भी अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि चीन को अब अपने न्यूक्लियर हथियारों की संख्या 1000 करने की जरूरत है.

पेंटागन के मुताबिक, चीन लगातार अपनी क्षमता को बढ़ा रहा है. हालांकि, चीन ने अबतक दो-तीन ऑपरेशनल कोशिशें की हैं लेकिन वो जल्द ही एयर लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल भी तैयार कर सकता है. अक्टूबर 2019 में चीन ने इसे स्वीकार भी किया था.

आपको बता दें कि अमेरिका और चीन के बीच इन दिनों एक तरह की कोल्ड वॉर चल रही है, जिसका असर दुनिया पर दिख रहा है. अमेरिका ने चीन को परमाणु हथियारों पर संधि करने को कहा था, ताकि इस्तेमाल का खतरा कम रहे लेकिन ऐसा हो ना सका. 

गौरतलब है कि चीन की इस वक्त अमेरिका के अलावा भारत और साउथ चाइना सी में अपने पड़ोसियों के साथ संबंध ठीक नहीं हैं, यही कारण है कि कई देशों पर चीन के नापाक इरादों का खतरा बरकरार है. 

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