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अमेरिका ने चीनी ऐप के बैन को बताया सही फैसला, बोला- 5G के मिशन में जुड़े भारत

भारत ने सौ से अधिक चीनी ऐप पर बैन लगाकर कई कंपनियों को झटका दिया है. इस फैसले की अमेरिका ने तारीफ की है और सुरक्षा के लिहाज से अहम बताया है.

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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (फाइल)
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (फाइल)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत के फैसले की अमेरिका ने की तारीफ
  • चीनी ऐप बैन का फैसला सही: अमेरिका

चीन से निकले कोरोना वायरस ने दुनियाभर को परेशान किया हुआ है. इसके अलावा कई अन्य मोर्चों पर चीन मुश्किलें पैदा कर रहा है. इसी को जवाब देते हुए भारत ने बीते दिन सौ से अधिक चीनी मोबाइल ऐप्स पर बैन लगा दिया, जो डाटा सुरक्षा के लिए खतरा थीं. भारत के इस कदम का अब अमेरिका ने भी स्वागत किया है और बिल्कुल सही बताया है.

अमेरिकी सरकार में इकॉनोमिक ग्रोथ डिपार्टमेंट के अंडर सेक्रेटरी कीथ राच ने बयान जारी करते हुए कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी 5G तकनीक के जरिए दुनिया को नुकसान पहुंचाने में जुटी है. भारत ने पहले ही सौ से अधिक चीनी ऐप को बंद कर दिया है. ऐसे में हम भारत जैसे कई देशों से अपील करते हैं कि वो सही नेटवर्क बनाने के मिशन में वो हमारे साथ जुड़ें.

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दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बुधवार को अमेरिका की बड़ी यूनिवर्सिटी और अन्य कुछ कंपनियों के साथ संवाद किया. इसमें तकनीकी लेवल पर आने वाली चुनौतियों को लेकर बात की. इसी दौरान माइक पोम्पियो ने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी अमेरिका की फ्रीडम ऑफ स्पीच को खत्म करना चाहती है. CCP अलग-अलग तरीके से इनमें इन्वेस्ट कर रही है, ताकि अपने पैर जमा सकें. यही कारण है कि हमें इस मुद्दे का हल निकालना होगा.
 

आपको बता दें कि इससे पहले भी अमेरिका की ओर से भारत के उस फैसले का समर्थन किया गया था, जब भारत ने टिकटॉक समेत 59 ऐप को बैन किया था. अब भारत ने पबजी समेत 118 नए ऐप को बंद किया है. अमेरिका बॉर्डर के मसले पर भी चीन को लताड़ चुका है और बार-बार भारत को उकसाने का आरोप लगाता आया है. 

अमेरिका की ओर से पहले ही चीन की 5G कंपनियों पर काम से रोक लगा दी गई है, जिसके बाद भारत ने भी इन मसलों पर कड़ा रुख अपनाया था. यही कारण है कि भारत-अमेरिका की दोस्ती को लेकर चीन चिढ़ा हुआ है.

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