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इजरायल से गुपचुप दोस्ती बढ़ा रहा पाकिस्तान? इस दौरे पर छिड़ा विवाद

अमेरिकी पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की इजरायल यात्रा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. पाकिस्तान हमेशा से ही इजरायल का घोर आलोचक रहा है. पाकिस्तान ने फिलिस्तीनियों के मुद्दे को लेकर इजरायल को अब तक मान्यता भी नहीं दी है. पाकिस्तान का कहना रहा है कि जब तक फिलिस्तीनियों को एक स्वतंत्र देश नहीं मिल जाता, इजरायल से संबंध ठीक नहीं होंगे.

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पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के इजरायल यात्रा पर विवाद (Photo- Twitter/_AhmedQuraishi)
पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के इजरायल यात्रा पर विवाद (Photo- Twitter/_AhmedQuraishi)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अमेरिकी-पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की इजरायल यात्रा
  • लोग उठा रहे सवाल
  • फिलिस्तीनियों के मुद्दे पर अभी तक पाक ने इजरायल को नहीं दी है मान्यता

यहूदियों के मुद्दे पर पाकिस्तान इजरायल को घेरता आया है और पाकिस्तान की हर सरकार फिलिस्तीनियों के लिए एक अलग राष्ट्र की मांग करती रही है. पाकिस्तान ने इसी मुद्दे को लेकर अब तक इजरायल को मान्यता तक नहीं दी है. ऐसे में किसी पाकिस्तानी-अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का इजरायल जाना और वहां के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मिलना सबको चौंकाने वाला रहा है. पाकिस्तान में इसे लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं. पाकिस्तानी पत्रकार अहमद कुरैशी भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे. इजरायल जाने वाले प्रतिनिधिमंडल पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य अंतरधार्मिक सद्भाव और मुस्लिम-यहूदी समझ को बढ़ावा देना था.

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पाकिस्तान के जियो न्यूज के कार्यक्रम 'आप की बात' में एंकर मुनीब फारूक से बुधवार को बात करते हुए अहमद कुरैशी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल अमेरिका से इजरायल गया था, पाकिस्तान से नहीं. यहूदी-पाकिस्तानी नागरिक फिशेल बेनखाल्ड की इजरायल यात्रा पर भी कुरैशी ने स्पष्टीकरण दिया.

अपनी यात्रा के दौरान फिशेल ने पवित्र यहूदी स्थलों की भी यात्रा की थी. इस पर स्पष्टीकरण देते हुए अहमद कुरैशी ने कहा कि फिशेल ने इसके लिए इमरान खान सरकार ने अनुरोध किया था जिसके बाद उन्हें अनुमति मिली थी.

प्रतिनिधिमंडल में शामिल पाकिस्तान की अनीला अली से जब फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल की ज्यादतियों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इजरायल और फिलिस्तीन इस मुद्दे को हल कर सकते हैं. 

प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे पाकिस्तान के सामी खान ने कार्यक्रम के दौरान से कहा, 'मैं एक पाकिस्तानी अमेरिकी बिजनेसमैन हूं. इस यात्रा में मेरी दिलचस्पी इसलिए थी क्योंकि मैं इजरायल, यहूदियों और उनके संघर्ष को लेकर अपनी समझ मजबूत करना चाहता था.'

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कार्यक्रम के होस्ट मुनीब फारूक ने कार्यक्रम के दौरान अहमद कुरैशी से सवाल किया कि इजरायल को लेकर पाकिस्तान की स्थिति स्पष्ट है और ऐसे समय में जब इजरायल और फिलिस्तीन के बीच काफी तनाव चल रहा है, कुरैशी क्या किसी लॉबी का हिस्सा बनकर इजरायल गए थे?

जवाब में कुरैशी ने कहा कि इसे लेकर पाकिस्तान की स्थिति बहुत स्पष्ट है और इजरायल के साथ पाकिस्तान के संबंध तभी संभव है जब एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश बना दिया जाए. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि न तो वो और न ही कोई एनजीओ इजरायल-फिलिस्तीन की स्थिति को बदल सकते हैं. उन्होंने कहा कि वो एक पत्रकार हैं जो मध्य पूर्व को कवर करते हैं और वो ऐसा करते रहेंगे.

उन्होंने कहा कि 75 वर्षों में पहली बार पाकिस्तान ने एक पाकिस्तानी यहूदी को पवित्र स्थलों की यात्रा करने के लिए पासपोर्ट जारी किया. कुरैशी ने इसके लिए इमरान खान सरकार की सराहना की.

अनीला अली से पूछा कि यूएई समेत अरब देश इजरायल के साथ संबंधों में आगे क्यों बढ़ रहे हैं? जवाब में अनीला ने कहा कि वे इस मुद्दे को हल करने के लिए इजरायल और फिलिस्तीन को कूटनीति में शामिल करने के उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं. 

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