scorecardresearch
 

हाइवे पर टैंक, वैगनर आर्मी के कब्जे में एक और शहर... रूस की राजधानी मॉस्को से बस 500KM दूर है प्रिगोझिन की सेना

वैगनर आर्मी ने रोस्तोव शहर पर कब्जा जमाया हुआ है. इसके बाद वैगनर प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन अपने 25 हजार सैनिकों के साथ राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे हैं. इस वक्त मॉस्को में लॉकडाउन है, क्योंकि सैनिक शहर की रक्षा की तैयारी में लगे हुए हैं. पुतिन ने शनिवार को रूसी लोगों को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि सैन्य नेता ने 'उनकी पीठ में छुरा घोंपा है'.

Advertisement
X
मॉस्को की ओर बढ़ रही प्रिगोझिन की प्राइवेट आर्मी
मॉस्को की ओर बढ़ रही प्रिगोझिन की प्राइवेट आर्मी

रूस में गृह युद्ध शुरू हो चुका है. वहां की प्राइवेट आर्मी वैगनर ने अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावत कर दी है. वैगनर आर्मी ने रोस्तोव शहर पर कब्जा जमाया हुआ है. इसके बाद वैगनर प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन अपने 25 हजार सैनिकों के साथ राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे हैं. इस वक्त मॉस्को में लॉकडाउन है, क्योंकि सैनिक शहर की रक्षा की तैयारी में लगे हुए हैं. इस बीच प्रिगोझिन ने राष्ट्रपति पुतिन के उस बयान का मजाक भी उड़ाया है, जिसमें पुतिन से प्रिगोझिन को देशद्रोही कहा था.

Advertisement

पुतिन ने शनिवार को रूसी लोगों को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि सैन्य नेता ने 'उनकी पीठ में छुरा घोंपा है'. प्रिगोझिन और उनके 25,000-मजबूत वैगनर सैनिकों का दक्षिणी रूसी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन पर नियंत्रण है. उनका कहना है कि वे मरने के लिए तैयार हैं. प्रिगोझिन की सेना ने पुतिन की सेना से एक सैन्य हमले का बदला लेने की कसम खाई है. प्रिगोझिन का कहना है कि रूसी सेना के हमले में वैगनर आर्मी के कुछ लोग मारे गए हैं. 

मॉस्को की ओर तेजी से बढ़ती वैगनर सेना

जानकारी के मुताबिक वैगनर आर्मी के लड़ाकू विमानों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों का एक काफिला मॉस्को से लगभग छह घंटे की ड्राइव पर लिपेत्स्क क्षेत्र में पहुंच गया है. इस बीच वैगनर आर्मी की एक वीडियो भी सामने आई है जिसमें कि सेना मॉस्को की ओर आगे बढ़ते समय वोरोनिश के आधे शहर से भी गुजरी. इस दौरान वोरोनिश शहर में एक विशाल तेल डिपो को आग की लपटों में घिरते हुए देखा गया. उस समय एक हेलीकॉप्टर हवा में था. सोशल मीडिया पर फुटेज में सैनिकों के बड़े काफिले को वोरोनिश से उत्तर की ओर जाते हुए देखा जा सकता है. ऐसा कहा जा रहा है कि वैगनर आर्मी के लोग क्रास्नोडार और वोल्गोग्राड सहित अन्य प्रमुख शहरों की ओर जा रहे हैं.

Advertisement

मॉस्को में बढ़ाई गई सुरक्षा

बता दें कि रूस ने इस खतरे को देखते हुए मॉस्को में सुरक्षा बढ़ा दी है. घुसपैठ से बचाव के लिए आर्मी को शहर की सीमा पर तैनात कर दिया गया है. राष्ट्रपति पुतिन के आसपास सेना को इकट्ठा करने का आदेश जारी किया गया है. 

ये वही प्रिगोझिन हैं जो एक रात पहले तक मॉस्को के सैन्य नेतृत्व पर युद्ध की घोषणा करने से पहले व्लादिमीर पुतिन के विश्वासपात्र थे. प्रिगोझिन ने एक वीडियो में कहा कि कमांड पोस्ट पर सर्वोच्च रैंकिंग अधिकारी को जैसे ही पता चला कि वैगनर सेना आ रही थी, वो भाग गया था.

प्रिगोझिन की सेना ने तय किया आधा रास्ता

एक रूसी सुरक्षा सूत्र ने कहा कि वैगनर लड़ाकों ने मॉस्को से लगभग 500 किमी (310 मील) दक्षिण में वोरोनिश शहर में सैन्य सुविधाओं पर भी नियंत्रण कर लिया है. इसका मतलब यह होता है कि रोस्तोव और मॉस्को के बीच के आधे रास्ते को इस वैगनर आर्मी ने कवर कर लिया है. इसके बाद तो यही माना जा रहा है कि वैगनर आर्मी के लिए मॉस्को भी अब ज्यादा दूर नहीं है. 

अपने इलाकों को बचाने में जुटी सेना

रूस के वोरोनिश क्षेत्र के गवर्नर ने शनिवार को कहा कि वैगनर द्वारा सशस्त्र विद्रोह के बाद घोषित आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत सेना क्षेत्र में जरूरी सैन्य कदम उठा रही है. यह भी दावा किया जा रहा है कि वैगनर सैनिक दो अन्य दक्षिणी शहरों, क्रास्नोडार और वोल्गोग्राड के बाहरी इलाके में हैं. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की गई है.

Advertisement

इस बीच रूस की सेना ने मॉस्को के बाहरी इलाके में सड़कों पर खुदाई कर दी है. जिससे कि वैगनर आर्मी का रास्ता रोका जा सके. इसके अलावा रूसी सैनिकों ने ओका नदी पर बन एक पुल पर अपनी तैनाती की हुई है. रूसी सेना ने पुल पर मशीन गन और ग्रेनेड लॉन्चर तैनात कर दिए हैं. रूस की सेना इस वैगनर आर्मी से सख्ती से निपटने को तैयार है. 

प्रिगोझिन द्वारा रोस्तोव-ऑन-डॉन में दक्षिणी रक्षा कमान पर कब्जा करने के बाद रूसी अधिकारियों ने सेंट पीटर्सबर्ग में वैगनर यूनिट के मुख्यालय पर भी छापा मारा है. इस मुख्यालय ने यूक्रेन पर आक्रमण में प्रमुख भूमिका निभाई थी. 

वैगनर की सेना में 25 हजार सैनिक

वैगनर ने अपने टेलीग्राम चैनल के जरिए व्लादिमीर पुतिन के भाषण के बाद एक बयान जारी किया है. इस बयान में वैगनर का कहना है कि पुतिन ने गलत विकल्प चुना है और रूस को जल्द ही एक नया राष्ट्रपति मिलेगा. वैगनर ने यह भी कहा है कि जीत उनकी ही होगी और एक या दो गद्दारों के जीवन को 25,000 सैनिकों के जीवन से ऊपर रखा गया है. वैगनर के बयान में कहा गया है कि रूस में गृह युद्ध अब आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है.

Advertisement

कौन है येवगेनी प्रगोझिन?

"पुतिन के रसोइये" के रूप में प्रसिद्ध हुए येवगेनी प्रिगोझिन का जन्म साल 1961 में लेनिनग्राड (सेंट पीट्सबर्ग) में हुआ था. महज 20 साल की उम्र में येवगेनी कई मामलों में वांछित हो गए और उनके ऊपर मारपीट, डकैती और धोखाधड़ी के आरोप लगे. फिर अदालत से दोषी सिद्ध होने के बाद उन्हें 13 साल की सजा सुनाई गई थी, हालांकि उन्हें 9 साल में ही रिहा कर दिया गया.

हॉटडॉग के स्टॉल से शुरू हुआ सफर 

प्रिगोझिन

जेल से रिहा होने पर, प्रिगोझिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में हॉट डॉग बेचने के लिए स्टॉल लगाना शुरू कर दिया. धंधे ने ऐसा जोर पकड़ा कि उन्होंने 90 के दशक में शहर में महंगा रेस्तरां खोल लिया. येवगेनी का रेस्तरां इस कदर फेमस हो गया कि लोग इसके बाहर लाइन लगाकर इंतजार करने लगे. लोकप्रियता बढ़ी तो खुद रूसी राष्ट्रपति पुतिन विदेशी मेहमानों को इस रेस्तरां में खाना खिलाने ले जाने लगे.

यही वो दौर था जब येवगेनी पुतिन के करीब आए. इसके बाद येवगेनी को सरकारी अनुबंध दिए जाने लगे. प्रिगोझिन की भूमिका हमेशा संदिग्ध रही है, और उन्होंने लंबे समय से किसी भी राजनीतिक भूमिका से इनकार किया है, लेकिन उनका प्रभाव खाने की मेज से कहीं आगे तक पहुंच गया था.

Advertisement

बनाई पुतिन की शैडो आर्मी 

अपेक्षाकृत लो प्रोफाइल रहने वाले प्रिगोझिन को विदेश में पुतिन का राइट हैंड कहा जाने लगा. इस दौरान येवगेनी ने खूब पैसा कमाया. रूसी सेना के साथ मिलकर येवगेनी ने प्राइवेट आर्मी की अगुवाई की. पुतिन ने इसका पर्दे के पीछे से इस्तेमाल भी किया, चाहे वह अमेरिकी चुनाव में अविश्वास पैदा करने वाले वाली छवि के माध्यम से हो, या फिर अफ्रीका और मध्य पूर्व में युद्ध लड़ रहे भाड़े के सैनिकों के क्रूर गिरोह के रूप में. प्रिगोझिन पिछले साल सार्वजनिक रूप से वैगनर के प्रमुख के रूप में सामने आए. ये भाड़े के समूह के लड़ाके वो लड़ाके हैं जिन्हें अक्सर पुतिन की शैडो आर्मी कहा जाता है और इसने अफ्रीका में रूस के प्रभाव को बढ़ाने में काफी मदद की. 

2017 के बाद से, येवगेनी के वैगनर समूह ने माली, सूडान, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, लीबिया और मोज़ाम्बिक में सैन्य दखल के लिए सैनिकों को तैनात किया. इस बीच,येवगेनी के वैगनर समहू ने पूरे महाद्वीप में वाणिज्यिक और राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाया है, संसाधन संपन्न देशों में खदानें और भूमि के पट्टे खरीदे. पिछले साल रिलीज हुई ग्लोबल इनिशिएटिव अगेंस्ट ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैगनर अब अफ्रीका में सबसे प्रभावशाली रूसी समूह है.

Advertisement
Advertisement