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पाकिस्तान में अपने नागरिकों पर हमले से भड़का चीन, कह दी ऐसी बात

पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर हमले होते रहे हैं. पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में भारी निवेश कर चीन कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है जिससे वहां के उग्रवादी समूह भड़के हुए हैं. वो प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे चीनी इंजीनियर्स और श्रमिकों को निशाना बनाते रहे हैं.

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पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर लगातार हमले होते रहे हैं
पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर लगातार हमले होते रहे हैं

पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर लगातार हो रहे हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. रविवार सुबह ग्वादर बंदरगाह के एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे चीनी इंजीनियरों के काफिले पर हमला हुआ जिससे चीन भड़क गया. पाकिस्तान स्थित चीनी दूतावास और कराची में चीनी महावाणिज्य दूतावास ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान से मांग की है कि वो दोषियों को सख्त से सख्त सजा दे.

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चीनी महावाणिज्य दूतावास ने रविवार को एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि स्थानीय समयानुसार सुबह 9:17 बजे हवाईअड्डे से बंदरगाह की ओर जाते समय चीनी इंजीनियरों के काफिले पर बमों और गोलियों से हमला किया गया. हालांकि, हमले में किसी चीनी नागरिक के हताहत होने की सूचना  नहीं है.

काफिले में तीन एसयूवी और एक वैन शामिल थीं. ये सभी गाड़ियां बुलेटप्रूफ थीं और इनमें 23 चीनी इंजीनियर सवार थे. हमले के दौरान एक आईईडी विस्फोट हुआ और वैन पर गोली चलाई गई.  

चीन के सरकारी अखबार, ग्लोबल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि हमले की कुछ तस्वीरें उसे मिली हैं जिसमें देखा जा सकता है कि हमले में वैन की एक खिड़की पर लगे बुलेटप्रूफ शीशे टूट गए हैं और गाड़ियों की खिड़कियों पर गोलियों के निशान हैं.

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हमले को लेकर चीन का पाकिस्तान को सख्त संदेश

पाकिस्तान स्थित चीनी दूतावास का कहना है कि सभी चीनी इंजीनियरों को उचित स्थान पर सुरक्षित तरीके से पहुंचा दिया गया है. चीनी दूतावास और चीनी महावाणिज्य दूतावास ने रविवार रात को बयान जारी कर हमले की कड़ी निंदा और पाकिस्तान से सख्त शब्दों में कहा कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. बयान में पाकिस्तान से कहा गया कि वो चीनी नागरिकों, संस्थानों और प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी उपाय करे.

चीनी नागरिकों पर हमले को देखते हुए चीनी दूतावास और महावाणिज्य दूतावास ने पाकिस्तान में रह रहे अपने नागरिकों से कहा कि वो अधिक सतर्क रहें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें. चीनी नागरिकों से सख्ती से कहा गया है कि गंभीर सुरक्षा स्थिति के कारण वो बड़े आयोजनों में हिस्सा लेने से बचें.

चीनी दूतावास ने हालांकि, यह भी कहा कि आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा.

दूतावास ने एक बयान में कहा, 'चीन आतंकवाद के खतरे से संयुक्त रूप से निपटने और पाकिस्तान में चीन के वर्कर्स, संस्थानों और प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा की प्रभावी ढंग से रक्षा करने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करना जारी रखेगा.'

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बलूचिस्तान के उग्रवादी समूह ने किया हमला

पाकिस्तान की मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, रविवार को ही पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने ग्वादर में एक अभियान के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया. इस दौरान तीन आतंकी घायल बताए जा रहे हैं. 

डेली पाकिस्तान के मुताबिक, सुरक्षा बलों को आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी. सुरक्षाबलों ने तीन और आतंकियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान चलाया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बलूचिस्तान के उग्रवादी अलगाववादी समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हमले की जिम्मेदारी ली है.

चीनी कर्मियों को निशाना बनाते रहे हैं बलोच आतंकी

बलोच आतंकी चीनी नागरिकों पर पहले भी हमले करते रहे हैं. अप्रैल 2022 में, कराची के कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट के एक बस पर आतंकी हमला किया गया था जिसमें तीन चीनी शिक्षकों और उनके स्थानीय ड्राइवर की मौत हो गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी भी बीएलए ने ली थी.

अगस्त 2021 में भी ग्वादर में चीनी नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए थे. जुलाई 2021 में भी आतंकवादियों ने पाकिस्तान में एक शटल बस को निशाना बनाया था जिसमें नौ चीनी नागरिकों और चार पाकिस्तानियों की मौत हो गई थी.

अप्रैल 2021 में, बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा में चीनी राजदूत की मेजबानी कर रहे एक होटल में कार बम विस्फोट हुआ था जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान तालिबान ने ली थी.

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2018 में बीएलए ने दक्षिण पाकिस्तान के कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमला किया, जिसके दौरान दो पुलिस अधिकारी मारे गए. मई 2017 में मोटरसाइकिल पर सवार दो बंदूकधारियों ने चीनी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे 10 श्रमिकों की हत्या कर दी थी. इस हमले की जिम्मेदारी बीएलए ने लेते हुए कहा था कि यह हमला उन्होंने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के विरोध में किया.

चीन-पाकिस्तान सहयोग को कमजोर करना हमलों का मकसद?

चीन की शिन्हुआ यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय रणनीति संस्थान में अनुसंधान विभाग के निदेशक कियान फेंग कहते हैं, 'बलूच उग्रवादियों का हालिया हमला चीनी वर्कर्स पर पूर्व में किए गए हमलों से अलग नहीं है. इस तरह के हमलों का उद्देश्य चीन-पाकिस्तान सहयोग, विशेष रूप से सीपीईसी, को प्रभावित करना है.'

ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि बलोच आतंकियों ने जानबूझकर अगस्त में हमला किया क्योंकि जुलाई के महीने में ही सीपीईसी ने चीन-पाकिस्तान सहयोग की 10वीं बरसी मनाई है. पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार ने आम चुनावों को देखते हुए इस्तीफा दे दिया है और एक कार्यवाहक सरकार देश संभाल रही है. बलोच आतंकी इस राजनीतिक परिवर्तन का फायदा उठाने की उम्मीद कर रहे हैं.

कियान फेंग का कहना है कि पाकिस्तान सरकार की कोशिशों से बलूचिस्तान में विद्रोहियों की उपस्थिति सीमित हो गई है. पाकिस्तान की सरकार हालिया हमले में सभी चीनी कर्मियों को बचाने में कामयाब रही है. उनका मानना है कि इससे सीपीईसी प्रोजेक्ट पर कोई असर नहीं होगा. 

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