scorecardresearch
 

Bangladesh Govt: 3 कदम और सेना ने यूनुस सरकार की बढ़ा दी मुश्किल, क्या बांग्लादेश में पलटने जा रहा है गेम?

बांग्लादेश सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने देश में जल्द से जल्द आम चुनाव कराकर लोकतंत्र की बहाली का आह्वान किया है. उनका कहना है कि सेना जल्द से जल्द अपने बैरक्स में लौटना चाहती है और अपने प्राथमिक कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहती है.

Advertisement
X
बांग्लादेश में उथल-पुथल का दौर जारी
बांग्लादेश में उथल-पुथल का दौर जारी

बांग्लादेश इस समय बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. इस बीच पड़ोसी मुल्क में एक बार फिर तख्तापलट का भी अंदेशा जताया जाने लगा है. ऐसे में सेना ने देश में जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग की है.

Advertisement

बांग्लादेश सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने देश में जल्द से जल्द आम चुनाव कराकर लोकतंत्र की बहाली का आह्वान किया है. उनका कहना है कि सेना जल्द से जल्द अपने बैरक्स में लौटना चाहती है और अपने प्राथमिक कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहती है.

सेना की इमरजेंसी मीटिंग से तनी भौंहे

बांग्लादेश में एक बार फिर तख्तापलट के बाद मंडराने लगे हैं. पिछले कुछ दिनों से वहां के राजनीतिक उथल-पुथल के कारण अंदेशा लगाया जा रहा है कि वहां आने वाले दिनों में बड़े बदलाव हो सकते हैं. इसी बीच,  सेना भी अलर्ट मोड पर आ गई है. सोमवार को बांग्लादेश की सेना ने राजनीतिक तनाव के बीच एक आपात बैठक आयोजित की थी. इस बैठक में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया था. 

सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश में जल्द ही तख्तापलट हो सकता है. सेना मोहम्मद युनूस को हटाकर खुद सत्ता संभाल सकती है. ये हलचल ऐसे समय में तेज हुई है जब यूनुस चीन दौरे पर जाने वाले हैं.

Advertisement

छात्रों का मोहम्मद यूनुस सरकार पर गुस्सा

पिछले साल पांच अगस्त को बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद मोहम्मद यूनुस सरकार को अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया गया था. वह कुछ ही महीनों के लिए अंतरिम सरकार के प्रमुख बने थे. दावा किया गया था कि अगले कुछ महीनों में चुनाव कराया जाएगा लेकिन आठ महीने बाद भी चुनाव नहीं कराने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है. बांग्लादेश में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और मोहम्मद यूनुस सरकार पर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. 

बैरक में लौटना चाहती है सेना

पिछले साल बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद से सेना ने मोर्चा संभाला हुआ है. ऐसे में अब सेना चाहती है कि देश में जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएं ताकि सेना अपने बैरक में लौट सकें. ऐसे में बांग्लादेश में ये तीनों बड़े कदम यूनुस सरकार का तख्तापलट कर सकते हैं.

बता दें कि दरअसल, शेख हसीना के सत्ता छोड़ने के बाद  बांग्लादेश की स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है. बांग्लादेश सेना की आपात बैठक में पांच लेफ्टिनेंट जनरल, आठ मेजर जनरल (जीओसी), स्वतंत्र ब्रिगेडों के कमांडिंग अधिकारी और सेना मुख्यालय के अन्य प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया.

Live TV

Advertisement
Advertisement