नेपाल की जेल में बंद बिकिनी किलर के नाम से मशहूर चार्ल्स शोभराज को आज ही डिपोर्ट करने की तैयारी है. फ्रांस दूतावास ने शोभराज के नाम पर ट्रेवल डॉक्यूमेंट इमीग्रेशन को सौंप दिया है. उसे आज देर रात तक दुबई होते हुए फ्रांस रवाना करने की तैयारी चल रही है. शोभराज को आजीवन नेपाल प्रवेश पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी जेल प्रशासन ने 22 दिसंबर को शोभराज की रिहाई से इनकार कर दिया था. प्रशासन का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अस्पष्ट है और उसमें यह उल्लेख नहीं है कि किस मुकदमे में रिहा करने को कहा गया. इसके अलावा शोभराज के वकीलों को भी मिलने नहीं दिया गया. दरअसल चार्ल्स शोभराज पर कई मामले चल रहे हैं. इस समय शोभराज दो विदेशी युवतियों की हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा काट रहा है. इसके अलावा शोभराज एक हत्या के प्रयास और जेल में हुए मर्डर अटेम्ट मामले में भी दोषी पाया गया था. जेल प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से सबकुछ स्पष्ट होने के बाद ही छोड़ने की बात कही है.
नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने दिया था रिहाई का आदेश
नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने उसे जेल में उम्र पूरी कर लेने की वजह से रिहा करने का फैसला सुनाया था. कोर्ट के जज सपना प्रधान मल्ला और तिल प्रसाद श्रेष्ठ की बेंच ने शोभराज को रिहा करने का आदेश दिया था. दरअसल शोभराज ने जेल से रिहा होने के लिए याचिका दायर की थी. उसका कहना था कि वह निर्धारित समय से ज्यादा समय तक जेल में बंद है इसलिए उसे रिहा कर दिया जाए. नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अर्जी स्वीकार कर ली थी और इसी आधार पर चार्ल्स शोभराज को जेल से रिहा करने का आदेश दे दिया गया.
नेपाल से भेजने की भी पूरी हो चुकी थी तैयारी
कोर्ट ने तो यह भी आदेश दिया था कि शोभराज को रिहा करने के बाद 15 दिनों के भीतर डिपोर्ट भी कर दिया जाए. कोर्ट के फैसले को देखते हुए फ्रांस की ओर से डिपोर्ट की तैयारी कर ली गई है. विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया था कि शोभराज का जेल सर्टिफिकेट मिलने और कोर्ट से उसके डिपोर्ट के फैसले की लिखित जानकारी मिलने के साथ सबसे पहले उसकी वीजा अवधि बढ़ाई जाएगी.
कौन है चार्ल्स शोभराज?
चार्ल्स शोभराज का जन्म 6 अप्रैल 1944 को वियतनाम के साइगॉन में हुआ था. उसकी मां वियतनामी थी, जबकि पिता भारतीय थे. उसके जन्म के वक्त वियतनाम पर फ्रांस का कब्जा था. फ्रांस के कब्जे वाले देश में पैदा होने के कारण शोभराज के पास फ्रांस की नागरिकता है. चार्ल्स शोभराज का असली नाम हतचंद भाओनानी गुरुमुख चार्ल्स शोभराज बताया जाता है. जुर्म की दुनिया वो 'बिकिनी किलर' और 'द सर्पेंट' के नाम से भी जाना जाता है. वो एक कुख्यात हत्यारा है और इसी जुर्म में 2003 से नेपाल की जेल में बंद है.