बिकिनी किलर के नाम से कुख्यात चार्ल्स शोभराज को शुक्रवार शाम को नेपाल से डिपोर्ट कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक काठमांडू के त्रिभुवन एयरपोर्ट से पेरिस के लिए रवाना कर दिया है. जानकारी के मुताबिक उसे कतार एयर के विमान में बैठाया गया है, जो शाम 6 बजे उसे दोहा लेकर रवाना हो गया है. इसके बाद वहां से उसे पेरिस भेजा जाएगा. वह कल फ्रांस पहुंच जाएगा.
फ्रांस दूतावास ने शोभराज के नाम पर ट्रेवल डॉक्टयूमेंट इमीग्रेशन को पहले ही सौंप दिए गए थे. इससे पहले गृह मंत्रालय की एक आकस्मिक बैठक में शोभराज को डिपोर्ट करने और 10 साल तक नेपाल में दोबारा प्रवेश पर बैन लगाने का फैसला किया.
SC ने 15 दिन में डिपोर्ट करने का दिया था आदेश
नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने उसे जेल में उम्र पूरी कर लेने की वजह से रिहा करने का फैसला सुनाया था. कोर्ट के जज सपना प्रधान मल्ला और तिल प्रसाद श्रेष्ठ की बेंच ने शोभराज को रिहा करने का आदेश दिया था.
शोभराज ने जेल से रिहा होने के लिए याचिका दायर की थी. उसका कहना था कि वह निर्धारित समय से ज्यादा समय तक जेल में बंद है इसलिए उसे रिहा कर दिया जाए. इसके अलावा कोर्ट ने यह आदेश दिया था कि शोभराज को रिहा करने के बाद 15 दिनों के भीतर डिपोर्ट भी कर दिया जाए.
जेल ने रिहा करने से कर दिया था इनकार
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी जेल प्रशासन ने 22 दिसंबर को शोभराज की रिहाई से इनकार कर दिया था. प्रशासन का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अस्पष्ट है. उसमें यह उल्लेख नहीं है कि किस मुकदमे में रिहा करने को कहा गया. इसके अलावा शोभराज के वकीलों को भी मिलने नहीं दिया गया.
दरअसल चार्ल्स शोभराज पर कई मामले चल रहे हैं. इस समय शोभराज दो विदेशी युवतियों की हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा काट रहा था. इसके अलावा शोभराज एक हत्या के प्रयास और जेल में हुए मर्डर अटेम्ट मामले में भी दोषी पाया गया था.
दो अमेरिकी पर्यटकों की हत्या के आरोप में था बंद
चार्ल्स शोभराज का जन्म 6 अप्रैल 1944 को वियतनाम के साइगॉन में हुआ था. उसकी मां वियतनामी थी, जबकि पिता भारतीय थे. उसके जन्म के वक्त वियतनाम पर फ्रांस का कब्जा था. फ्रांस के कब्जे वाले देश में पैदा होने के कारण शोभराज के पास फ्रांस की नागरिकता है. चार्ल्स शोभराज का असली नाम हतचंद भाओनानी गुरुमुख चार्ल्स शोभराज बताया जाता है.
शोभराज पर 1970 के दशक में 15-20 हत्याओं का आरोप है. चार्ल्स शोभराज अक्सर विदेशी पर्यटकों को ही निशाना बनाता था. उस पर 20 से ज्यादा लोगों की हत्या का आरोप है. वो इन पर्यटकों से दोस्ती करता था. उन्हें ड्रग्स देता था और हत्या करके उनका सामान लूट लेता था. दो अमेरिकी पर्यटकों की हत्या के आरोप में वह 2003 से नेपाल की जेल में बंद था.