6 महीने के भीतर बोइंग 737 मैक्स-8 के दो विमान हादसों से पूरी दुनिया में खौफ फैल गया है. इथोपिया में बोइंग 737 मैक्स विमान हादसे के बाद अब कई देशों ने अपने यहां इन विमानों पर बैन लगा दिया है. मंगलवार देर रात भारत में भी तत्काल प्रभाव से बोइंग 737 मैक्स-8 के विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी गई है. नागरिक उड्डयन सचिव ने दिल्ली में आज यानि बुधवार शाम 4 बजे सभी एयरलाइंस की आपात बैठक बुलाई है.
मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने कहा है कि जब तक इस विमान की सुरक्षा संबंधी जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक इसकी उड़ान पर रोक कायम रहेगी. यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. DGCA ने कहा है कि वे संबंधित एयरलाइंस और एजेंसियों से लगातार बात कर रहे हैं. उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने सभी एयरलाइंसों की आपात बैठक बुलाई है. इसमें यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए चर्चा होगी.
इससे पहले ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, ओमान UAE, फ्रांस, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया, आयरलैंड, आइसलैंड, ओमान, चीन, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया और अर्जेंटीना जैसे देशों में इन विमानों पर रोक लगा दी गई है. इन विमानों से खौफ इस कदर है कि UK ने तो अपने एयरस्पेस में ही इन विमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है.
DGCA has taken the decision to ground the Boeing 737-MAX planes immediately. These planes will be grounded till appropriate modifications and safety measures are undertaken to ensure their safe operations. (1/2)
— Ministry of Civil Aviation (@MoCA_GoI) March 12, 2019
भारत में भी पहले DGCA ने जारी की थी गाइडलाइन
भारत में भी इस विमान को लेकर ऐहतियात बरती जा रही है. डीजीसीए ने बोइंग 737 मैक्स-8 विमान को लेकर नई गाइड लाइन जारी की थी. इसमें साफ कह दिया था कि अब बोइंग 737 मैक्स-8 विमान उड़ाने वाल पायलट को कम से कम 1000 घंटे का अनुभव होना जरूरी है. देश में इस कंपनी का विमान सिर्फ स्पाइस जेट और जेट एयरवेज ही इस्तेमाल करती हैं. स्पाइस जेट के बेड़े में बोइंग 737 मैक्स-8 के कुल आठ विमान है. अब इसकी उड़ान पर रोक लगा दी गई है.
Boeing Statement on 737 MAX Operation: https://t.co/EL058Iarsg pic.twitter.com/lGQI5zJBfP
— The Boeing Company (@Boeing) March 12, 2019
स्पाइस जेट ने कहा- सुरक्षा सर्वोपरि
स्पाइस जेट ने बयान जारी कर कहा है कि वह विमान के मुद्दे को लेकर डीजीसीए और बोइंग दोनों से जुड़ी हुई है. उसके लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. वहीं जेट एयरवेज ने खुद के कर्ज में दबे होने की बात कहते हुए कहा कि वो विमानों का किराया देने में असमर्थ है. ऐसे विमानों का संचालन करने की स्थिति में ही वो नहीं है.
ऑस्ट्रेलिया ने बोइंग पर लगाया अस्थायी बैन
आस्ट्रेलिया के नागर विमानन सुरक्षा प्राधिकार (सीएएसए) के CEO शेन कारमोडी ने कहा है कि बोइंग 737 मैक्स विमान पर निलबंन अस्थायी तौर पर है. हम इस विमान की सुरक्षा से जुड़ी और जानकारी आने का इंतजार कर रहे हैं.
अर्जेंटीना और साउथ कोरिया को जांच रिपोर्ट का इंतजार
वहीं अर्जेंटीना की प्रमुख विमानन कंपनी एयरोलाइंस अर्जेंटीनाज ने कहा कि उसने इस विमान पर बैन लगा दिया है. इथोपियन एयरलाइंस के प्लेन क्रैश की जांच की रिपोर्ट का उसे भी इंतजार है. उधर खबर है कि दक्षिण कोरिया ने भी अपने यहां इन विमानों की उड़ान पर रोक लगा दिया है. ईस्टर जेट कंपनी की एक अधिकारी ने कहा कि इस विमान की जगह दूसरे विमान तैनात किए जाएंगे. कंपनी का कहना है कि उन्हें इस विमान से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के चलते यह कदम उठाया गया है.
AFP News Agency: UK bans Boeing 737 MAX planes from its airspace
— ANI (@ANI) March 12, 2019
चीन में बोइंग 737 मैक्स के 100 विमान खड़े हुए
चीन ने भी इन विमानों पर ऐहतियातन बैन लगा दिया है. बीजिंग से मिली खबर के अनुसार चीन के नागर विमानन नियामक ने सोमवार को घरेलू विमानन कंपनियों को निर्देश दिया है कि जब तक इन विमानों की सुरक्षा की पूरी गारंटी न मिल जाए, तब तक इन विमानों की उड़ान रोक दी जाए. इस फैसले से चीन में 100 विमान खड़े हो गए हैं. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चीन की ओर से चीन का नागर विमानन प्राधिकरण अमेरिका और बोइंग से जुड़ा रहेगा.
बोइंग ने जारी किया बयान
वहीं विमान कंपनी बोइंग ने बयान जारी कर कहा है कि विमान की सुरक्षा उनकी सबसे पहले प्राथमिकता है. कंपनी ने विमान को सुरक्षित बताया है. कंपनी ने सभी एजेंसियों से उन पर भरोसा बनाए रखने की अपील की है.
6 माह में दूसरा हादसा
इथोपिया के अदीस अबाबा में रविवार सुबह बोइंग का 737 मैक्स-8 विमान दुर्घटना का शिकार हो गया था. इस हादसे में विमान में सवार सभी 157 लोगों की मौत हो गई थी. इससे पहले अक्टूबर 2018 में इंडोनेशिया में भी बोइंग का यही विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें 189 यात्रियों की मौत हो गई थी.