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कब्जा जमाते ही तालिबान की असलियत आई सामने, यूनिवर्सिटीज में एक साथ नहीं पढ़ सकेंगे लड़के-लड़कियां

अफगानिस्तान पर तालिबान को कब्जे किए हुए 15 दिन होने वाले हैं. 15 अगस्त को कट्टरवादी संगठन के लड़ाकों ने राजधानी काबुल पर कब्जा जमा लिया था, जिसके बाद से ही पूरे देश में तालिबान राज की शुरुआत हो गई.

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फोटो क्रेडिट: रूमी कंसलटेंसी, वर्ल्ड बैंक
फोटो क्रेडिट: रूमी कंसलटेंसी, वर्ल्ड बैंक
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूनिवर्सिटीज में संग नहीं पढ़ सकेंगे लड़के-लड़कियां
  • अफगानिस्तान के कार्यकारी शिक्षा मंत्री का आदेश
  • अफगानिस्तान पर तालिबान का हो चुका है कब्जा

अफगानिस्तान पर तालिबान को कब्जे किए हुए 15 दिन होने वाले हैं. 15 अगस्त को कट्टरवादी संगठन के लड़ाकों ने राजधानी काबुल पर कब्जा जमा लिया था, जिसके बाद से ही पूरे देश में तालिबान राज की शुरुआत हो गई. तालिबान ने इस बार पिछली बार के मुकाबले काफी बदलाव के वादे किए थे, लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है, उसकी असलियत दुनिया के सामने आने लगी है. दरअसल, तालिबान के प्रवक्ता ने महिलाओं को कई तरह की छूट देने का ऐलान किया था, लेकिन अब बंदिशें लगाने की शुरुआत कर दी है. तालिबान ने यूनिवर्सिटीज में लड़कियों और लड़कों के साथ में पढ़ने पर रोक लगा दी है. 

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अफगानिस्तान के एक पत्रकार ने इस बात की जानकारी दी है. ज़ियार खान याद ने ट्वीट कर बताया कि अफगानिस्तान के कार्यकारी शिक्षा मंत्री ने कहा है कि यूनिवर्सिटी में लड़के और लड़कियां एक साथ नहीं पढ़ सकेंगे और इस्लामी कानून के मुताबिक, उन्हें अलग-अलग पढ़ना होगा.

इससे पहले हाल ही में तालिबान के लड़ाकों ने हेरात प्रांत में ऐसा ही आदेश दिया था. एक आदेश जारी करके कहा गया था कि सरकारी और प्राइवेट विश्वविद्यालयों में लड़के और लड़कियां एक क्लास में साथ बैठकर नहीं पढ़ सकेंगे. इसके लिए यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसरों और कॉलेजों के मालिकों के साथ कई घंटों तक बैठक भी की गई थी.

खत्म होने वाला है अमेरिका का रेस्क्यू अभियान

अफगानिस्तान में अमेरिका समेत विभिन्न देश रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं, जिसके तहत अपने नागरिकों को देश वापस बुला रहे हैं. 14 अगस्त को शुरू हुआ यह अभियान 31 अगस्त को खत्म होने वाला है. व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि अफगानिस्तान से अब तक अमेरिका ने एक लाख से भी ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है.

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इसके अलावा, बम धमाके के बाद सिर्फ एक ही दिन में तकरीबन सात हजार लोगों को निकाला गया. अमेरिका के अलावा, भारत ने भी अफगानिस्तान से अपने नागरिकों को बड़ी संख्या में सुरक्षित निकाला है. ब्रिटेन का अभियान तय समय से तीन दिन पहले ही शनिवार को खत्म हो गया. ब्रिटेन के नागरिकों के साथ आखिरी फ्लाइट बीते दिन काबुल एयरपोर्ट से उड़ी.

 

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