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अरब देशों की BRICS में एंट्री, जानिए किन 6 देशों को मिली पीएम मोदी की मौजूदगी में सदस्यता

BRICS में अभी 5 देश B से ब्राजील, R से रूस, I से इंडिया, C से चीन और S से साउथ अफ्रीका शामिल हैं. अब इसमें 6 और देशों को शामिल करने का ऐलान किया. यानी ब्रिक्स  में अब कुल 11 सदस्य हो जाएंगे. अब BRICS को BRICS PLUS कहा जा रहा है.

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ब्रिक्स समिट में 6 नए देश हुए शामिल
ब्रिक्स समिट में 6 नए देश हुए शामिल

BRICS में 6 नए देशों को एंट्री मिल गई है. ईरान, अर्जेंटीना, इथियोपिया, इजिप्ट, ईरान, यूएई और सऊदी अरब BRICS में शामिल होंगे. जोहान्सबर्ग में चल रहे BRICS के 15वें समिट में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा ने ये ऐलान किया. इस दौरान पीएम मोदी भी मौजूद रहे.

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दरअसल, BRICS में अभी 5 देश B से ब्राजील, R से रूस, I से इंडिया, C से चीन और S से साउथ अफ्रीका शामिल हैं. अब इसमें 6 और देशों को शामिल करने का ऐलान किया गया. यानी ब्रिक्स  में अब कुल 11 सदस्य हो जाएंगे. अब BRICS को BRICS PLUS कहा जा रहा है.

1 जनवरी 2024 से सदस्य होंगे ये देश

राफोसा ने कहा, विस्तार प्रक्रिया के पहले चरण पर हमारी सहमति है और अन्य चरण उसके बाद होंगे. उन्होंने कहा, अभी हमने अर्जेंटीना, इजिप्ट, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बनने के लिए आमंत्रित करने का फैसला किया है. इनकी सदस्यता 1 जनवरी 2024 से लागू होगी.

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, मुझे खुशी है कि तीन दिनों के विचार-विमर्श से कई सकारात्मक परिणाम निकले. हमने ब्रिक्स के विस्तार का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. 

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40 देशों ने शामिल होने की जताई इच्छा

दरअसल, जोहान्सबर्ग में BRICS समिट चल रहा है. इस समिट में ब्रिक्स समूह का विस्तार प्रमुख विषय है. 40 से अधिक देशों ने ब्रिक्स में शामिल होने में इच्छा व्यक्त की है. इनमें से 23 देशों ने तो इसकी सदस्यता के लिए आवेदन भी किया है. आवेदन करने वाले देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अर्जेंटीना शामिल हैं. 

भारत ने BRICS की सदस्यता विस्तार का किया था समर्थन

इससे पहले पीएम मोदी ने गुरुवार को BRICS के पूर्ण सत्र को संबोधित किया था. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, भारत BRICS के विस्तार का समर्थन करता है. पीएम मोदी ने इस दौरान स्पेस रिसर्च समेत कई क्षेत्रों में BRICS देशों के बीच सहयोग का दायरा और बढ़ाने के लिए 5 सुझाव भी दिए थे.  

क्या है BRICS?

- अभी ब्रिक्स दुनिया की पांच सबसे तेज अर्थव्यवस्थाओं का ग्रुप है. ब्रिक्स का हर एक अक्षर एक देश का प्रतिनिधित्व करता है. ब्रिक्स में B से ब्राजील, R से रूस, I से इंडिया, C से चीन और S से साउथ अफ्रीका.

- 2006 में पहली बार ब्रिक देशों की बैठक हुई. उसी साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान इन चारों देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग हुई तो इस समूह को 'BRIC' नाम दिया गया. ब्रिक देशों की पहली शिखर स्तर की बैठक 2009 में रूस के येकाटेरिंगबर्ग में हुई थी. इसके बाद 2010 में ब्राजील के ब्रासिलिया में दूसरी शिखर बैठक हुई. उसी साल इसमें साउथ अफ्रीका भी शामिल हुआ, तब ये BRIC से BRICS बन गया.

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- ब्रिक्स में जो पांच देश शामिल हैं, वो सभी दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुईं अर्थव्यवस्थाएं हैं. इनकी दुनिया की जीडीपी में 31.5% की हिस्सेदारी है. ब्रिक्स के सभी पांच देशों में दुनिया की 41 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है. वैश्विक कारोबार में भी इनका 16 फीसदी हिस्सा है.

- इस बार की ब्रिक्स समिट के दो एजेंडा हैं. पहला- ब्रिक्स का विस्तार. दूसरा- ब्रिक्स देशों में अपनी करंसी में कारोबार. साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा कि हम ब्रिक्स के सदस्यों की संख्या बढ़ाने का समर्थन करते हैं.
 

 

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