ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय की इस साल मई में ताजपोशी होने जा रही है. इसके साथ ही वह आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन की गद्दी संभाल लेंगे. पिछले साल ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद किंग चार्ल्स की पत्नी डचेज ऑफ कॉर्नवेल कैमिला को कोहिनूर सौंप दिया गया था. लेकिन अब खबर है कि इस ताजपोशी समारोह में वह कोहिनूर जड़ा ताज नहीं पहनेंगी.
बकिंघम पैलेस ने मंगलवार को बयान जारी कर बताया कि क्वीन कंसोर्ट कैमिला मई में होने जा रहे किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक में क्वीन मैरी का ताज पहनेंगी. यह ताज 100 साल से भी अधिक पुराना है और उन्होंने 1911 की ताजपोशी में इसे पहना था. हालांकि, छह मई को हो रहे किंग चार्ल्स की ताजपोशी में इस ताज में थोड़े बदलाव किए जाएंगे.
बकिंघम पैलेस ने बयान में बताया कि क्वीन मैरी का यह ताज टावर ऑफ लंदन से हटाया जाएगा और इसमें जड़े रत्नों में बदलाव किया जाएगा, जिसके बाद ही ताजपोशी समारोह में क्वीन कैमिला उसे पहनेंगी.
दरअसल महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने इस साल की शुरुआत में ऐलान किया था कि कैमिला को क्वीन कंसोर्ट के नाम से जाना जाएगा. हालांकि, 75 साल की कैमिला के पास किसी तरह की संवैधानिक शक्तियां नहीं होंगी.
कोहिनूर हीरे का इतिहास
कोहिनूर हीरा 105.6 कैरेट का है. इसे दुनिया का सबसे बड़ा हीरा माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि यह हीरा 14वीं शताब्दी में आंध्र प्रदेश की एक खदान से मिला था.लेकिन पंजाब पर ब्रिटिशों के कब्जे के बाद 1849 में इस हीरे को ब्रिटेन की तत्कालीन महारानी विक्टोरिया को सौंप दिया गया था. बाद में इस कोहिनूर को शाही ताज में जड़वा दिया गया था. ब्रिटेन के इस शाही ताज में कोहिनूर के अलावा और भी कई बेशकीमती और दुर्लभ हीरे, जवाहरात जड़े हुए हैं. तभी से कोहिनूर ब्रिटेन के शाही ताज में जड़ा हुआ है. हालांकि, भारत सहित चार देश कोहिनूर पर अपना दावा करते हैं.
भारत में कोहिनूर लौटाने की मांग उठी
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद एक बार फिर भारत में कोहिनूर को लौटाए जाने की मांग उठने लगी थी. बता दें कि महारानी के ताज में दुनिया के कई दुर्लभ और बेशकीमती हीरे और जवाहरात जड़े हुए हैं, जिनमें कोहिनूर और अफ्रीका का बेशकीमती हीरा ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका भी है. इसकी कीमत अनुमानित रूप से 40 करोड़ डॉलर आंकी गई है. ठीक इसी तरह अफ्रीका ने भी ब्रिटेन के शाही ताज में जड़े अपने बेशकीमती हीरे ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका को लौटाने की मांग की है.
दरअसल भारत और अफ्रीका ब्रिटिश उपनिवेशवाद रहे हैं जहां पहले ब्रिटेन का राज कायम था. कोहिनूर पर भारत अपने कानूनी हक का दावा करता है और लंबे समय से ब्रिटेन से उसे लौटाने की मांग करता आया है. इसके साथ ही अफ्रीका ने भी ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका को लौटाने की मांग की है.