ब्रिटेन का शाही राजघराना एक बार फिर नस्लवाद (Racism) के आरोपों से घिर गया है. प्रिंस विलियम की गॉडमदर लेडी सुसान हसी पर बकिंघम पैलेस में एक शाही कार्यक्रम के दौरान नस्लभेदी टिप्पणी करने के आरोप हैं. मामले के तूल पकड़ने पर हसी ने इस्तीफा दे दिया. लेकिन इस्तीफे के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है.
आरोपी महिला लेडी हसी दिवंगत क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की सहयोगी रह चुकी हैं.
क्या है विवाद?
बकिंघम पैलेस में कंसोर्ट कैमिला की मेजबानी में मंगलवार को एक चैरिटी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस दौरान लेडी सुसान हसी ने ब्रिटेन की अश्वेत चैरिटी कार्यकर्ता नगोजी फुलानी (Ngozi Fulani) पर नस्लभेदी टिप्पणी की गई. वह लंदन के चैरिटी सिस्टा स्पेस की फाउंडर हैं.
लेडी हसी का कहना है कि वह उस समय दंग रह गई, जब उनसे पूछा गया कि वह अफ्रीका के किस हिस्से से हैं और मूल रूप से कहां की हैं. इस पर फुलानी ने कहा कि वह ब्रिटेन में ही पैदा हुई हैं और यहीं की रहने वाली हैं. फुलानी ने ट्वीट कर इस घटना का पूरा ब्योरा दिया है.
बकिंघम पैलेस ने बयान जारी कर खेद जताया
इस मामले के तूल पकड़ने पर बकिंघम पैलेस ने आनन-फानन में बयान जारी कर इस घटना को अस्वीकार्य और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि हमने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और घटना की पूरी जानकारी जुटाने के लिए इसकी जांच की है.
प्रिंस विलियम के प्रवक्ता ने उनकी ओर से बयान जारी कर इस लेडी हसी के बयानों की निंदा की. प्रिंस विलियम ने हसी के इस्तीफे के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि वह बीती रात बकिंघम पैलेस में अतिथियों के साथ हुए व्यवहार को लेकर निराश हैं.
प्रिंस विलियम ने बयान में कहा कि बेशक, मैं वहां नहीं था लेकिन हमारे समाज में नस्लवाद का कोई स्थान नहीं है. यह टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं.
मेगन मर्केल भी लगा चुकी हैं नस्लवाद के आरोप
इससे पहले ब्रिटेन के शाही परिवार पर नस्लभेद के आरोप उस समय लगे थे, जब ओपरा विन्फ्रे को दिए इंटरव्यू में प्रिंस हैरी की पत्नी मेगन मर्केल ने उनके साथ हुए नस्लवाद की घटनाओं से पर्दा उठाया था.
मर्केल ने कहा था कि शाही परिवार के एक वरिष्ठ सदस्य ने प्रिंस हैरी से होने वाले उनके पहले बच्चे की त्वचा के रंग को लेकर चिंता जताई थी. बाद में अमेरिकी पत्रकार क्रिस्टोफर एंडरसन ने अपनी एक किताब में दावा किया था कि शाही के जिस वरिष्ठ सदस्य पर मेगन ने आरोप लगाए थे, वह खुद प्रिंस चार्ल्स थे.
मेगन का यह इंटरव्यू दुनियाभर में चर्चा का विषय बना था और यकीनन इससे ब्रिटिश राजघराने की किरकिरी हुई थी.