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कनाडा में भारतीय डिप्लोमैट्स की हो रही ऑडियो-वीडियो निगरानी, निजी बातचीत भी सुनी जा रही, केंद्र ने संसद को बताया

केंद्र सरकार ने संसद को बताया कि कनाडाई सरकार ने वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों को बताया है कि अभी भी उनकी ऑडियो और वीडियो सर्विलांस की जा रही है और उनकी निजी बातचीत भी इंटरसेप्ट हो रही है. 

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कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो

भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव जस का तस बना हुआ है. इस बीच खबर है कि कनाडा में भारतीय कॉन्सुलेट के अधिकारियों को निगरानी में रखा जा रहा है और उनकी निजी बातचीत भी इंटरसेप्ट की जा रही है.

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केंद्र सरकार ने संसद को बताया कि कनाडाई सरकार ने वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों को बताया है कि अभी भी उनकी ऑडियो और वीडियो सर्विलांस की जा रही है और उनकी निजी बातचीत भी इंटरसेप्ट हो रही है. 

विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में कहा कि एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करना स्थाई द्विपक्षीय संबंधों के  लिए जरूरी है. दरअसल सदन में उनसे पूछा गया था कि क्या कनाडा में भारतीय डिप्लोमैट्स की साइबर सर्विलांस या अन्य तरीकों से उनकी निगरानी की जा रही है? इस पर उन्होंने सदन को लिखित में बताया था कि हां, हाल ही में वैंकूवर में इंडियन कॉन्सुलेट के अधिकारियों को कनाडा सरकार ने बताया था कि उनकी ऑडियो और वीडियो निगरानी की जा रही है.

बता दें कि पिछले साल कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में भारत पर आरोप लगाया था

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ट्रूडो ने पिछले साल संसद में पहली बार लगाए थे भारत पर आरोप

पिछले साल संसद में बोलते हुए जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का इल्जाम भारत पर लगाया था. इसके बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया था. तब से ही भारत और कनाडा के बीच रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. भारत ने भी ट्रूडो और उनकी पार्टी पर खालिस्तानियों को लुभाने के लिए वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया था.

इसी साल जनवरी में कनाडा के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोडी थॉमस ने कहा था कि भारत निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा के साथ सहयोग कर रहा है.

पिछले साल हुई थी निज्जर की हत्या

पिछले साल जून में कनाडा के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर निज्जर की हत्या कर दी गई थी. निज्जर खालिस्तानी आतंकी था. खालिस्तान टाइगर फोर्स का चीफ था. वह बीते कई सालों से कनाडा में रह रहा था और वहां से भारत के खिलाफ खालिस्तानी आतंकवाद को हवा दे रहा था.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, निज्जर भारतीय जांच एजेंसियों के लिए पिछले एक साल में इसलिए और भी ज्यादा बड़ा सिरदर्द बन गया था क्योंकि उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों को विदेशों में लॉजिस्टिक और पैसा मुहैया करवाना शुरू कर दिया था.

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ट्रूडो जब 2018 में भारत दौरे पर आए थे. उस समय उन्हें पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने खालिस्तानी आतंकियों की एक सूची सौंपी थी, जिसमें निज्जर का भी नाम शामिल था. केंद्रीय गृहमंत्रालय ने 2020 में निज्जर को आतंकी घोषित कर दिया था. 2010 में पटियाला के एक मंदिर के बाहर हुए बम विस्फोट में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. उस पर हिंसा भड़काने, आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने सहित कई मामलों में पुलिस को तलाश थी. 

भारत ने हरदीप सिंह निज्जर को डेजिग्नेटिड टेरेरिस्ट यानी आतंकवादी घोषित किया था. NIA ने उस पर 10 लाख का इनाम भी घोषित कर रखा था.

इनपुटः मोहित बब्बर
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