कनाडा इन दिनों महंगाई की भीषण मार से जूझ रहा है. हालात ऐसे हैं कि लोग अपने ग्रॉसरी खर्च में कटौती कर रहे हैं ताकि अपने बच्चों को पर्याप्त भोजन उपलब्ध करा सके. यह खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है.
कनाडा में इस समय महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है. इस वजह से लोग अपने दैनिक खर्चों में कटौती करने को मजबूर हैं. ये लोग अपने खर्चों को काबू में रखने के लिए जरूरी सामान जैसे भोजन में कटौती कर रहे हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 फीसदी पेरेंट्स ने अपने खाने-पीने में 24 फीसदी की कटौती कर दी है ताकि उनके बच्चों को पर्याप्त भोजन मिल सके. कनाडा में हर चार में से एक पेरेंट अपने बच्चों के लिए अपने खाने पर खर्च को कम कर रहे हैं.
सैल्वेशन आर्मी ने ये रिपोर्ट 21 नवंबर को जारी की है, जिसमें कहा गया है कि सर्वे में शामिल 90 फीसदी लोगों ने कहा है कि उन्होंने अपने खाने-पीने के खर्च को कम कर दिया है. फूड बैंक खाली हो रहे हैं. यह स्थिति साफ बताती है कि किस तरह के कनाडा में लोग अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं.
बता दें कि यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो कुछ जरूरी सामानों पर जीएसटी में कटौती का ऐलान कर सकते हैं.
हाल के आर्थिक संकट को देखते हुए, ट्रूडो सरकार ने 14 दिसंबर से दो महीने के लिए किराने का सामान और बच्चों के कपड़ों पर जीएसटी और एचएसटी रोकने की घोषणा की. हालांकि, आलोचकों का मानना है कि यह कदम अगले चुनाव को ध्यान में रखकर उठाया गया है.
सैल्वेशन आर्मी के प्रवक्ता जॉन मर्रे ने कहा कि वास्तविकता ये है कि कनाडा में कई लोगों को दो वक्त का खाना जुटाने में मुश्किल आ रही है. इससे देश में एक बड़े खाद्य संकट का पता चलता है. 25 फीसदी लोगने अपने बच्चों को पर्याप्त भोजन मुहैया कराने के लिए अपनी खाद्य खपत कम करदी है. कई लोग सस्ता होने की वजह से कम पोषणयुक्त भोजन खरीद रहे हैं जबकि 84 फीसदी लोग महंगाई की वजह से एक समय का खाना स्किप कर रहे हैं.