भारत और कनाडा में चल रहे तनावपूर्ण रिश्तों के बीच कनाडा की जस्टिन टुड्रो सरकार ने एक और यू-टर्न लिया है.सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा सरकार ने भारत आने वाले यात्रियों की अतिरिक्त सुरक्षा जांच करने के कुछ दिन पहले लिए गए अपने फैसले को वापस ले लिया है. यह कदम खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर दोनों देशों में उपजे कूटनीतिक तनाव के बीच उठाया गया था.
परिवहन मंत्री अनीता आनंद ने इस सप्ताह की शुरुआत में जांच बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा था कि भारत आने वाले हर यात्री की एयरपोर्ट पर और कड़ी सुरक्षा और स्क्रीनिंग की जाएगी. आनंद ने एक बयान में कहा, "अत्यधिक सावधानी के तौर पर कनाडा सरकार भारत आने वाले यात्रियों की अस्थायी रूप से अतिरिक्त सुरक्षा जांच करेगी."
एयरपोर्ट पर लगने लगी थी लंबी कतारें
अब सरकार ने नये प्रोटोकॉल हटाने के कारणों का उल्लेख नहीं किया है. कनाडाई वायु परिवहन सुरक्षा प्राधिकरण (CATSA) द्वारा किए गए उपायों में प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने से पहले हवाई अड्डों पर यात्रियों और सामान की जांच करना शामिल था. रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत जाने वाली उड़ानों पर अतिरिक्त जांच के कारण देरी हुई और हवाई अड्डों पर लंबी कतारें लग गईं थी.
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अक्टूबर में नई दिल्ली से शिकागो जा रहे एयर इंडिया के विमान में बम की धमकी मिलने के बाद जांच बढ़ाए जाने की घोषणा की गई थी. विमान को कनाडा के इकालुइट की ओर मोड़ दिया गया था, जहां जांच के बाद विमान में कोई विस्फोटक नहीं मिला था.
सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाते हुए, खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल ही में 1 से 19 नवंबर तक एयर इंडिया की उड़ानों के खिलाफ सार्वजनिक धमकी जारी की. यह चेतावनी उस दिन दी गई जिसे पन्नू ने भारत में "सिख नरसंहार की 40वीं वर्षगांठ" बताया. कनाडा और अमेरिका की दोहरी नागरिकता रखने वाले पन्नू ने पहले भी इसी तरह की धमकियां दी हैं.
निज्जर की हत्या के बाद तनावपूर्ण हुए दोनों देशों के रिश्ते
भारत और कनाडा के बीच तब से तनाव है, जब से कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट्स के शामिल होने का आरोप लगाया था. ट्रूडो ने पिछले साल सितंबर में ये आरोप लगाया था. दोनों देशों के बीच तनाव तब और बढ़ गया, जब कनाडाई पुलिस ने निज्जर की हत्या में भारतीय डिप्लोमैट्स के शामिल होने का आरोप लगाया. इसके बाद राजनयिक संकट बढ़ गया.
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