scorecardresearch
 

फ्लाइट की सीट पर मां की मौत, हवा में 8 घंटे डेड बॉडी के साथ रहे बच्चे

हेलेन रोड्स फ्लाइट से हॉन्‍ग कॉन्‍ग से ब्रिटेन जा रही थी, फ्लाइट में यात्रा के दौरान ही उनकी मौत हो गई. इसके बाद उनके शव को जर्मनी में उतारा गया. हेलेन हॉन्‍ग कॉन्‍ग में पिछले 15 सालों से रह रही थी. हेलेन पेशे से नर्स थीं. हेलेन के दोस्‍त अब भी उनकी मौत पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं.

Advertisement
X
फ्लाइट में सोते हुए महिला की मौत हुई (प्रतीकात्‍मक फोटो/गेटी )
फ्लाइट में सोते हुए महिला की मौत हुई (प्रतीकात्‍मक फोटो/गेटी )
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हॉन्‍ग कॉन्‍ग से ब्रिटेन जा रही थी फ्लाइट
  • 5 अगस्‍त को फ्लाइट में यात्रा के दौरान हुई मौत

हेलेन रोड्स मां-बाप को देखने के लिए हॉन्ग कॉन्ग से ब्रिटेन फ्लाइट से जा रही थीं. लेकिन यात्रा के दौरान लेन की फ्लाइट के अंदर ही मौत हो गई. मौत का कारण क्‍या था, यह स्‍पष्‍ट नहीं है. यह मामला 5 अगस्‍त का है.

Advertisement

हेलेन के दोस्‍त ने उनकी मौत को लेकर एक पोस्‍ट शेयर किया. हेलेन रोड्स दो बच्‍चों और पति के साथ हॉन्‍ग कॉन्‍ग से ब्रिटेन जा रही थीं, लेकिन फ्लाइट के अंदर सोते हुए ही उनका निधन हो गया. डेली मेल की रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्‍चों ने मां के शव के साथ ही 8 घंटे का सफर तय किया.  

वहीं हेलेन के दोस्‍त उनकी अचानक हुई इस मौत पर विश्‍वास नहीं कर पा रहे हैं. जेन जेजे ने GoFundMe पर एक पोस्ट में लिखा- हमें अब भी इस बात पर विश्‍वास नहीं हो रहा है कि हमारी प्रिय दोस्‍त की मौत हो गई, फ्लाइट में कुछ घंटे की यात्रा के बाद ही उनका निधन हो गया. उ्हें बचाने की कोशिशें की गईं लेकिन हेलेन ने को बचाया नहीं जा सका.

जेजे ने अपने पोस्‍ट में आगे लिखा कि यह सब कुछ उनके बच्‍चों के सामने हुआ. हेलेन की अचानक मौत के बाद पति सिमोन, बच्‍चे नाथन और एम्‍मा बुरी तरह से टूट गए. 

Advertisement

फ्लाइट को फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) में रोका गया, जहां हेलेन की डेड बॉडी को उतारा गया. इसके बाद हेलेन के बिना उनके परिवार ने आगे का सफर तय किया. 

ब्रिटेन वापस आना चाहती थीं
जेजे के मुताबिक- हेलेन रोड्स हॉन्‍ग कॉन्‍ग में पिछले 15 सालों से रह रही थीं. लेकिन वह ब्रिटेन वापस आना चाहती थीं ताकि जिंदगी के एक नए चैप्‍टर की फिर से शुरुआत कर सके. 

हेलेन के दोस्‍त जेन जेजे ने अपनी दोस्‍त की मौत के बाद gofundme पर क्राउडफंडिंग भी शुरू की है. ताकि परिजनों की मदद हो सके. 

वहीं यूके फॉरेन ऑफिस ने गार्जियन से बातचीत में कहा, 'हम परिवार का पूरा साथ दे रहे हैं, इसके अलावा स्‍थानीय अधिकारियों से भी हम लगातार संपर्क में हैं.' 

 

Advertisement
Advertisement