कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने चीन से आयात होने वाली वस्तुओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है. CAIT ने कहा कि इसमें बड़ी मात्रा में हवाला कारोबार की आशंका है, जिसके कारण चीनी सामान बाजार में सस्ता मिलता है और सरकार को कस्टम ड्यूटी व टैक्स की बड़ी चपत लगती है.
CAIT ने यह भी सवाल उठाया कि कहीं हवाला का यह पैसा पाकिस्तान को आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए तो नहीं दिया जाता है? इस विषय की गंभीरता को देखते हुए CAIT ने सरकार से मांग की है कि इस मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाए और दोषी लोगों को पकड़ा जाए. इसमें कहीं न कहीं भारतीय बंदरगाह के अधिकारियों की मिलीभगत है.
CAIT ने कहा कि चीन से आयात होने वाले सामान का लागत से भी कम मूल्य का बिल बनकर आता है और उसी के अनुसार उस पर ड्यूटी और आईजीएसटी लगती है. इससे सरकार को राजस्व की बड़ी हानि होती है.
CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, ‘हमारे देश में चीन से आयात होने वाला ज्यादातर सामान बेहद कम मूल्य की बिलिंग पर आता है. कई मामलों में तो सामान कुछ आता है और उसका बिल कुछ और होता है, जिससे उस पर कम से कम ड्यूटी और आईजीएससटी लगता है.’
उन्होंने कहा कि यदि आयात होकर आने वाले सामान और बिल में लिखे सामान का मिलान किया जाए तो पता लगेगा कि दोनों में कितना फर्क है. इस बात को ध्यान में रखते हुए भारतीय बंदरगाहों पर चीन से आने वाले सामान पर बेहद कड़ी निगरानी की आवश्यकता है.
भरतिया और खंडेलवाल ने यह भी कहा कि इस मामले में इम्पोर्टर के साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारीयों की मिलीभगत होती है, जिसके कारण बेहद आसानी से यह व्यापार लंबे अर्से से चल रहा है. इससे न सिर्फ भारतीय बाज़ार का माहौल खराब हो रहा है, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए संकट पैदा हो गया है.
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग चीन से माल मंगाते हैं और उस पर आईजीएसटी देते हैं, उनको कायदे से आईजीएसटी का इनपुट क्रेडिट लेना चाहिए, लेकिन यदि इस मामले की छानबीन की जाएगी, तो पता लगेगा की किसी ने भी इनपुट क्रेडिट क्लेम नहीं किया है, क्योंकि वो सारा माल बाज़ार में बिना बिल के बेच दिया जाता है और इस वजह से ये माल सस्ता हो जाता है.
वहीं, घरेलू उत्पाद पूरा टैक्स देते हैं, जिसकी वजह से चीनी माल से महंगे रहते है. उन्होंने कहा कि यह मामला देश की सुरक्षा से भी जुड़ा है. लिहाजा सरकार को गंभीरता से कदम उठाते हुए इस मामले के सभी पहलुओं की जांच करानी चाहिए. मिसाल के तौर पर जो माल चीन से आता है, उसकी घोषित वैल्यू से 50 % अधिक पर सरकार उस माल की नीलामी करे, तो इस खेल का सारा सच सामने आ जाएगा.