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क्वीन एलिजाबेथ को श्रद्धांजलि देने पहुंचा चीन का डेलीगेशन, ब्रिटेन ने किया मना

ब्रिटेन और चीन के बीच एक नया डिप्लोमेटिक विवाद देखने को मिल रहा है. चीन की सरकार ने क्वीन एलिजाबेथ को श्रद्धांजिल देने के लिए एक प्रतिनिधि मंडल भेजा था, जिसे ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स की अथॉरिटीज ने अनुमति नहीं दी.

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लोगों दर्शन के लिए रखा क्वीन का ताबूत (Photo : UK Parliament)
लोगों दर्शन के लिए रखा क्वीन का ताबूत (Photo : UK Parliament)

ब्रिटेन में इन दिनों क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के निधन का शोक मनाया जा रहा है. दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सरकारों के प्रतिनिधि उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देने लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे हॉल पहुंच रहे हैं, लेकिन चीन की सरकार के एक प्रतिनिधि मंडल को ब्रिटेन ने इसकी अनुमति नहीं दी.

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ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर लिन्डसे होयले ने चीनी अधिकारियों के डेलीगेशन को वेस्टमिंस्टर एबे हॉल जाने की अनुमति नहीं दी है. इसी हॉल में क्वीन के कॉफिन को लोगों के दर्शन के लिए रखा गया है. सोमवार को उनका अंतिम संस्कार भी यहीं किया जाना है. बीबीसी और पॉलिटिको नाम की न्यूज एजेंसी ने इस खबर को प्रकाशित किया है.

उइघर मुस्लिमों से जुड़ी है इनकार की वजह

खबर में कहा गया है कि चीन के प्रतिनिधि मंडल को वेस्टमिंस्टर एबे हॉल जाने की अनुमति इसलिए नहीं दी गई, क्योंकि 2021 में चीन ने ब्रिटिश संसद के दोनों सदनों के कुछ सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिया था. इन सदस्यों ने चीन के शिनजियांग प्रांत में उइघर मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ हो रही ज्यादिती को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. वहीं इसके विरोध में ब्रिटेन की संसद के दोनों सदनों ने चीन के राजदूत झेंग झेगुआंग पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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खबर में कहा गया है कि चीन और ब्रिटेन का एक-दूसरे पर लगाया गया प्रतिबंध अभी भी बना हुआ है. इसलिए ब्रिटेन ने चीन के प्रतिनिधि मंडल को क्वीन एलिजाबेथ को श्रद्धांजलि देने की अनुमति नहीं दी है. वेस्टमिंस्टर एबे हॉल में जाने की अनुमति को लेकर ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स के पास अधिकार हैं.

अंतिम संस्कार में शामिल होंगे चीन के उप-राष्ट्रपति

क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय को जो भी राष्ट्राध्यक्ष या सरकारों के प्रतिनिधि लंदन जा रहे हैं, उन्हें वेस्टमिंस्टर एबे हॉल जाना है. वहीं उनसे सोमवार को होने वाले अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भी कहा गया है. सभी प्रतिनिधि लैनकास्टर हाउस में एक श्रद्धांजलि पुस्तिका पर हस्ताक्षर भी करेंगे.

हालांकि चीन के उप-राष्ट्रपति वांग क्विशन क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे और श्रद्धांजलि पुस्तक में अपना शोक संदेश भी दर्ज करेंगे. जबकि बीजिंग में ब्रिटिश एंबेसी में कुछ देर का मौन भी रखा जाएगा. भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी क्वीन के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचेंगी.

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