दरअसल चीन की खुन्नस अमेरिका के एक वरिष्ठ राजनयिक के ताइवान दौरे को लेकर है. चीन ने अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स एजार के ताइवान की राजधानी ताइपे के दौरे पर सख्त नाराजगी जताई है और अमेरिका के सामने कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया है.
अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री के दौरे से खफा चीन
बता दें कि एलेक्स एजार चार दशकों में ताइपे का दौरा करने वाले पहले सीनियर अधिकारी हैं. कोरोना वायरस से निपटने के लिए अमेरिका ताइवान के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है. इसी के मद्देनजर एलेक्स एजार अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर ताइवान पहुंचे हैं. यहां पर उन्होंने राष्ट्रपति साई इंग वेन से मुलाकात की है.
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बता दें कि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और यहां किसी भी हाई प्रोफाइल विदेशी नेता और अधिकारी के दौरे का विरोध करता है.
चीन के प्रभुत्व से आजादी चाहता है ताइवान
ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन चीन की शक्ति से ताइवान की आजादी चाहती हैं और वो इसकी प्रबल समर्थक हैं. उन्होंने कहा कि एलेक्स एजार का ताइवान दौरा ताइवान और अमेरिका के संबंधों में नई शुरुआत है. वहीं चीन ने इस दौरे का विरोध किया और कहा कि ये दौरा वन चाइना पॉलिसी के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है.
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ताइवान के विमानों ने खदेड़ा
ताइवान की वायुसेना ने कहा कि राष्ट्रपति साई और एजार की मीटिंग से पहले चीनी लड़ाकू विमान शेनयांग J-11 और चेंगदू J-10 जो कि चीन की वायुसेना से जुड़े हुए हैं, इन लड़ाकू विमानों ने ताइवान स्ट्रेट की रेखा को पार किया. ताइवान ने कहा कि चीनी लड़ाकू विमानों को पहले मौखिक चेतावनी दी गई, लेकिन चीनी जेट ने इसे अनसुना कर दिया, इसके बाद ताइवान के विमानों ने इन दोनों लड़ाकू विमानों को अपने आसमान से खदेड़ दिया.