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कोरोनावायरस के लिए पाकिस्तान तीसरा सबसे जोखिम वाला देश

दुनियाभर के देश कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस बीच एक अध्ययन से पता चला है कि पाकिस्तान वायरस से प्रभावित होने वाले सबसे जोखिम वाले देशों में तीसरे स्थान पर है.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • डीप नॉलेज ग्रुप की एक रिपोर्ट में दावा
  • 200 देशों में 148वें स्थान पर पाकिस्तान
  • स्विट्जरलैंड को सबसे सुरक्षित देश बताया गया
  • दक्षिण सूडान को 200वें स्थान पर रखा गया

दुनियाभर के देश कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस बीच एक अध्ययन से पता चला है कि पाकिस्तान वायरस से प्रभावित होने वाले सबसे जोखिम वाले देशों में तीसरे स्थान पर है.

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डीप नॉलेज ग्रुप की एक विस्तृत रिपोर्ट में यह बात कही गई है. इस रिपोर्ट में महामारी के खिलाफ विभिन्न देशों की सुरक्षा क्षमता का विश्लेषण किया गया है. इस रिपोर्ट में 200 देशों को उनके सुरक्षात्मक पहलुओं पर गौर करते हुए सबसे कम जोखिम व सबसे अधिक जोखिम के तौर पर वर्गीकृत किया गया है.

पाकिस्तान की रैंकिंग कुल 200 देशों में 148वें स्थान पर की गई है. पाकिस्तान को सुरक्षात्मक नंबर (सेफ्टी स्कोर) के तौर पर 370 अंक मिले हैं, जबकि उच्चतम स्कोर 752 है. विश्लेषण में पाया गया कि यह कोरोनावायरस के लिए तीसरा सबसे जोखिम वाला देश है. इस 250 पन्नों के अध्ययन ने स्विट्जरलैंड को सबसे सुरक्षित देश के रूप में सूचीबद्ध किया, जबकि दक्षिण सूडान को 200वें स्थान पर रखा गया है.

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अध्ययन में सुरक्षा की दृष्टि से स्विट्जरलैंड को पहले और जर्मनी को दूसरे स्थान पर दिखाया गया है. यह आकलन विशेष रूप से इन देशों की अर्थव्यवस्था में लचीलेपन, लॉकडाउन के सही कार्यान्वयन और सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को देखते हुए किया गया है.

रिपोर्ट में चीन को 717 अंकों के साथ सातवें स्थान पर बताया गया है, वहीं भारत 532 अंकों के साथ 56वें स्थान, ईरान को 505 स्कोर के साथ 73वें और अफगानिस्तान को 310 अंकों के साथ 196वें स्थान पर रखा गया है.

डीप नॉलेज ग्रुप के अध्ययन में 130 गुणात्मक और मात्रात्मक मापदंडों को ध्यान में रखते हुए निष्कर्ष निकाला गया है. अध्ययन में निगरानी, एकांतवास दक्षता, पहचान क्षमता, स्वास्थ्य तत्परता और सरकारी दक्षता जैसे पैरामीटर के हिसाब से पाकिस्तान काफी निचले पायदान पर पाया गया है.

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इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार ने जब से व्यवसायों को अपनी नई स्मार्ट लॉकडाउन नीति के तहत फिर से संचालित किए जाने के साथ सड़क, ट्रेन और हवाई यात्रा की अनुमति दी है, तभी से पाकिस्तान में कोरोनावायरस के मामलों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है.

पाकिस्तान में बेकाबू होते हालात को देखते हुए चिकित्सा संघों ने भी एक सख्त लॉकडाउन और आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है, मगर वे भी सरकार की चुप्पी पर पूरी तरह से उपेक्षित महसूस कर रहे हैं.

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पाकिस्तान में फिलहाल कोरोनावायरस के मामलों की संख्या 100,000 का आंकड़ा पार कर गई है, जबकि यहां हर दिन के साथ नए मामले और हताहत होने वालों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है.

पाकिस्तान में सोमवार को संक्रमण की वजह से अभी तक की सबसे अधिक 105 मौत दर्ज की गई। वहीं पिछले 24 घंटों में यहां 5385 से अधिक नए मामले और 83 लोगों की मौत हो चुकी है.

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पाकिस्तान में अब तक कुल कोरोना मामलों की संख्या 113,702 तक पहुंच चुकी है. यहां 36,308 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि देश में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 2255 तक पहुंच चुकी है. यहां पंजाब प्रांत में सबसे अधिक कोरोनावायरस के मामले सामने आए हैं. पंजाब में 43,460 मामले, सिंध में 41,303, खैबर पख्तून्ख्वा में 14,527, बलूचिस्तान में 7,031, इस्लामाबाद में 5,963, पीओके में 444 और गिलगित बाल्टिस्तान में 974 मामले सामने आ चुके हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि वायरस जून और जुलाई 2020 में अपने चरम पर पहुंच जाएगा. वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विशेषज्ञ और डॉक्टरों ने देश की स्वास्थ्य प्रणाली की अधिकतम क्षमता और कमजोर चिकित्सा प्रणाली को लेकर चिंता व्यक्त की है.

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