आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि लोन मुहैया कराने वाली कंपनियां लोन देने से पहले आपके फेसबुक और ट्विटर एकाउंट की जांच कर रही हैं. दरअसल, कंपनियां आपके सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए यह पुख्ता कर लेना चाहती हैं कि आपको लोन देना ठीक रहेगा या नहीं.
आपको बता दें कि यह ठीक उन्हीं कंपनियों की तरह है जो अपने यहां किसी को बतौर कर्मचारी रखने से पहले उसके फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद प्रोफाइल की जांच-पड़ताल करती हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह व्यक्ति असल में कैसा है.
दरअसल, ब्रिटेन और अमेरिका में पहले से ही लोने देने वाली कुछ छोटी कंपनियां ग्राहकों के सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच कर रही थीं, लेकिन अब अब बड़े-बड़े वित्तीय खिलाड़ी भी अपने ग्राहकों की इस तरह रिसर्च करने लगी हैं.
कंपनियों को लगता है कि जिसने लोन के लिए आवेदन किया है अगर उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच कर ली जाए तो यह फैसला लेना आसान हो जाता है कि उसे लोन देना चाहिए या नहीं.
सोशल मीडिया से लोन देने वाली कंपनियों को संभावित ग्राहक के बारे में तो कई जानकारियां मिल जाती हैं, लेकिन इससे उन ग्राहकों की मुश्किल बढ़ सकती है जिन्होंने अपने प्रोफाइल और बैंक के फॉर्म में अलग-अलग जानकारी दी होती है. मसलन, अगर किसी ने लोन के लिए आवेदन किया हुआ है और वह अपने फेसबुक प्रोफाइल पर स्टेटस डाल दे कि उसे अभी-अभी नौकरी से निकाल दिया गया है तो उसे लोन मिलना नामुमकिन हो जाएगा.
लोगों का कहना है कि लोन कंपनियों का इस तरह से सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच करना सही नहीं है क्योंकि अगर कोई नौकरी बदलने के बावजूद LinkedIn प्रोफाइल में अपडेट नहीं करता है तो बैंक को यही लगेगा कि ग्राहक ने फॉर्म में अपनी नौकरी के बारे में गलत जानकारी दी है. यही नहीं लोगों को इस बात की भी चिंता है कि उनके नाम से बने फर्जी एकाउंट भी उन्हें मुश्किल में डाल सकते हैं.
खैर, भारत में तो अभी इस तरह का चलन शुरू नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही ऐसा होने लगे तो इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं. बहरहाल, हम तो यही कहेंगे कि आप सोच समझकर ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना प्रोफाइल बनाएं और उसे सही से अपडेट करें.