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क्या सुस्त हो रही रूसी सेना को क्रीमिया ब्रिज अटैक ने उकसा दिया है? लड़ाई जेलेंस्की के घर तक पहुंच गई है

क्रीमिया को रूस से जोड़ने वाले क्रीमिया ब्रिज पुतिन के लिए शान का प्रतीक था. जब इस ब्रिज पर यूक्रेन के हमले से निकलती आग की लपटें मीडिया में आईं तो इससे रूसी सैनिकों के मनोबल को गहरा धक्का लगा. इसके बाद बौखलाए पुतिन ने यूक्रेन पर बमों-ड्रोन की बारिश कर दी.

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क्रीमिया ब्रिज पर लगी आग को बुझाता एक हेलिकॉप्टर (फोटो- एपी)
क्रीमिया ब्रिज पर लगी आग को बुझाता एक हेलिकॉप्टर (फोटो- एपी)

यूक्रेन में एक बार फिर हाहाकार मचा हुआ है. रूसी मिसाइलों ने इस देश में कहर मचा दिया है. रूसी हमले में अबतक यूक्रेन के 12 लोगों की मौत हो चुकी है. 100 लोग बमों से झुलसे हैं या जख्मी है. दर्जनों बिल्डिंग मलबे में तब्दील हो गई है. शहर जल रहे हैं, यूक्रेनी जनता बंकरों में शरण ली है. रूस-यूक्रेन वार में रूसी सेनाओं ने जबरदस्त वापसी की है.

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कुछ ही दिन पहले 7 अक्टूबर को रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अपना 70वां जन्मदिन मनाया था. तब आलोचकों ने कहा कि पुतिन यूक्रेन में हार रहे हैं, रूसी सेना पिछड़ रही थी, यूक्रेन की सेना ने रूसी कब्जे से 6000 किलोमीटर जमीन को छीन लिया था. खारकीव में रूसी सेना पीछे हटने पर मजबूर थी.  

पुतिन की शान क्रीमिया ब्रिज

इसी बीच 8 अक्टूबर की रूस की शान कहे जाने वाले क्रीमिया के कर्ज स्ट्रेट ब्रिज पर यूक्रेन ने भयानक हमला कर दिया. हमले के दौरान एक कार्गो ट्रेन ब्रिज से गुजर रही थी. इस ट्रेन पर बमबारी के बाद उठ रही आग की लपटें को देखकर लोग हैरान रह गए. ये रूस के लिए गहरा झटका था. बता दें कि रूस ने क्रीमिया पर 2014 में कब्जा कर लिया था. इसके बाद फरवरी 2016 में राष्ट्रपति पुतिन ने रूस को क्रीमिया से जोड़ने के लिए इस ब्रिज के निर्माण का आदेश दिया था. मई 2018 में 19 किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हुआ तब तक ये यूरोप का आश्चर्य बन चुका था. इस पुल के निर्माण में तब 3.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हुए थे, जो अभी खरबों रुपये में बैठता है. 

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ये यूरोप का सबसे लंबा पुल था और रूस द्वारा बनाया गया अबतक का सबसे लंबा ब्रिज था. पुतिन के लिए ये ब्रिज क्रीमिया से आवागमन का साधन तो था ही इसके अलावा इंजीनियरिंग का ये शानदार नमूना क्रीमिया पर रूस के दावे की पुष्टि करता था. पुतिन के लिए ये पुल ब्रिज से ज्यादा रूस की धमक का प्रतीक था. 

क्रीमिया ब्रिज (फोटो- विकीपीडिया)

8 अक्टूबर को जब इस पुल पर बमों से हमला हुआ तो इसकी चपटे में एक कार्गो ट्रेन आ गया. बता दें कि इस पुल पर सड़क मार्ग और रेल मार्ग दोनों की व्यवस्था है. इस ट्रेन से निकलने वाले आग की लपटों ने रूस की सेनाओं को मनोवैज्ञानिक चोट पहुंचाया. इसका जवाब देने के लिए बिलबिलाये पुतिन ने यूक्रेन में हमले की बौछार कर दी है और कीव की इस कार्रवाई को आतंकी हमला करार दिया. 

रूस ने यूक्रेन पर 84 मिसाइलें बरसाई. हमले में कीव में भारी नुकसान हुआ है.  रॉयटर्स के अनुसार कार में लगे कैमरे जब शहर में निकले तो चारों ओर से धुआं, आग टूटी सड़कें और धंसे हुए बिल्डिंग देखने को मिले. पश्चिमी यूक्रेन के कीव, लीव, खारकीव टर्नोपिल, ज्योटोमीर, जीपीरोजिया में रूस ने बमों की बारिश कर दी है. बमों की मार से सड़कें, चौक चौराहे, पार्क, टूरिस्ट साइट ध्वस्त हो गए हैं.  

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मेट्रो के बंकर में बज रहे राष्ट्रगान

यूक्रेन रक्षा मंत्रालय के अनुसार कीव के मेट्रो स्टेशन में एयर रेड अलर्ट के दौरान जमा लोग राष्ट्रगान गा रहे हैं. ऐसा ही दृश्य लीव में भी देखने को मिल रहा है. यहां एक प्लेग्राउंड में एयर रेड का सायरन बजते ही बच्चे राष्ट्रगान के लिए खड़े होते दिख रहे हैं. 

 

दुश्मन के लिए जंग का मैदान और भी मुश्किल बना दें

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने देशवासियों से बंकर में रहने का अनुरोध किया है. वे लगातार गुप्त ठिकानों से देश को संबोधित कर रहे हैं.  उन्होंने अपनी सेनाओं से कहा है कि दुश्मन के लिए जंग का मैदान और भी दुखदायी और दर्दनाक बना दीजिए. जेलेंस्की ने एक वीडियो संबोधन में कहा है कि बाहर की ताकतें जंग के मैदान में हमारा कुछ बिगाड़ नहीं सकती हैं. इसलिए वो आतंक के इस हरकत पर उतर आई है. ठीक है...हम अपने दुश्मन के लिए जंग का मैदान और भी खतरनाक बना देंगे. 

रूसी हमले में तबाह यूक्रेन के शहर (फोटो- ट्विटर)

 
जेलेंस्की ने कहा कि सोमवार को रूस ने 84 मिसाइलें दागीं, इनमें से 43 को गिरा दिया था. 24 ड्रोन से हमला किया गया इनमें से 13 को गिरा दिया. खास बात ये है कि जिन ड्रोन से यूक्रेन पर हमला किया जा रहा है वो ईरान में बने हैं. 

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यूक्रेन के कई शहरों में पानी, बिजली, हीटर बंद

रूस के हमले से यूक्रेन के कीव, खारकीव, सुमी और ओब्लास्ट जैसे शहरों में इंटरनेट और मोबाइल संपर्क खत्म हो गया है. कई दूसरे शहरों में बिजली कट गई है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि रूस के हमले यूक्रेन के पावर ग्रिड को तबाह करने के लिए थे. जेलेंस्की ने कहा कि 8 क्षेत्रों में 11 बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया गया है. इसकी वजह से यूक्रेन के कई हिस्से बिना बिजली पानी और एनर्जी के रह गए हैं. 

इधर अमेरिका ने इस हमले की आलोचना की है. राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि इन हमलों ने निर्दोष नागरिकों की जान ले ली और वैसे ठिकानों को नष्ट कर दिया जिसका कोई सैन्य महत्व नहीं था. ये हमले पुतिन के अवैध हमलों की कहानी बयां करते हैं.  

 

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