युद्धग्रस्त यूक्रेन में शांति के लिए दावोस में कई देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की बैठक हुई. भारत सहित कई देशों ने यूक्रेन के शांति फॉर्मूले पर चर्चा की. ऐसे में इस शांति फॉर्मूले को लेकर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
रूस का कहना है कि यूक्रेन के शांति प्रस्तावों को लेकर दावोस में हुई चर्चा से कुछ हासिल नहीं होगा क्योंकि इस चर्चा में रूस ही शामिल नहीं था.
दावोस में इस हफ्ते वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों और मिडिल ईस्ट के कई प्रमुख नेताओं शिरकत करेंगे. इस बैठक में गजा में चल रहे युद्ध को खत्म करने पर भी चर्चा होगी लेकिन मुख्य एजेंडा यूक्रेन ही रहेगा.
दावोस में यूक्रेन को लेकर हुई चर्चा के बारे में पूछे जाने पर रूस के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यह सिर्फ बातचीत थी. इससे कुछ हासिल नहीं होगा क्योंकि हम इस चर्चा में शामिल नहीं थे. हमारी मौजूदगी के बिना इस तरह की कोई भी चर्चा निरर्थक है.
यूक्रेन ने दो टूक कह दिया है कि जब तक रूस के हरेक सैनिक को अपनी सीमा से बाहर नहीं खदेड़ देते, हम चैन से नहीं बैठेंगे. वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के साथ किसी भी तरह की बातचीत को अवैध बताया है. बता दें कि फरवरी 2022 में पुतिन ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था, जिसके बाद से ही रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बना हुआ है.
स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 54वीं बैठक शुरू हो गई है. ये बैठक 15 से 19 जनवरी तक होगी. इस बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक का थीम 'Rebuilding Trust' रखा गया है.