
1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के दोषी और भारत में मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम समेत 88 आतंकी संगठनों और आतंकियों पर पाकिस्तान ने कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. प्रतिबंध से जुड़े आदेश में दाऊद का पता कराची का दिया गया है. साथ ही यह भी बताया गया कि वह भारत का नागरिक है.
मुंबई में बम धमाकों के बाद भारत से फरार दाऊद इब्राहिम गिरफ्तारी से बचता रहा है. उसके बारे में यह भी दावा किया जाता रहा है कि वह पाकिस्तान के कराची शहर में छुपा हुआ है. हालांकि पाकिस्तान भारत के इस दावे से हमेशा इनकार करता रहा है.
लेकिन पाकिस्तान ने एफएटीएफ की ग्रे सूची से बाहर निकलने की कोशिश के तहत 88 आतंकी समूहों और आतंकवादियों के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है जिसमें भारत में मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम का नाम भी शामिल है.
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पाक सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के आधार पर दाऊद के घर का पता कराची का व्हाइट हाउस नजदीक सऊदी मस्जिद, क्लिफटन, दिया गया है. साथ ही यह भी बताया गया कि वह भारत का नागरिक है.
पहला पासपोर्ट 975 में जारी
पाक सरकार के अनुसार, दाऊद को भारत के अलावा पाकिस्तान और सऊदी अरब की ओर से कुल 14 पासपोर्ट जारी किए गए. उसका पहला पासपोर्ट भारत की ओर से 30 जुलाई 1975 को जारी किया गया था. जुलाई 2001 में रावलपिंडी में पासपोर्ट जारी किया गया था. हालांकि रावलपिंडी से जारी एक और पासपोर्ट की तारीखों का जिक्र नहीं किया गया है.
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रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ दाऊद ही नहीं जमात-उद-दावा (JuD), JeM, तालिबान, दहेश, हक्कानी ग्रुप, अल-कायदा और कई अन्य आतंकवादी संगठनों तथा आतंकवादियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई है. पाक सरकार ने इन आतंकी संगठनों और व्यक्तियों के सभी चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने और उनके बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश जारी किया है. यह आदेश 18 अगस्त को दिया गया था.
जून 2018 से ग्रे लिस्ट में पाक
पाक सरकार की ओर से जारी आदेश में इन आतंकवादियों को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से धन हस्तांतरित करने, हथियारों की खरीद और विदेश यात्रा पर भी रोक लगा दी गई है.
पाकिस्तान को अपने यहां कई आतंकी संगठनों और लोगों पर कड़े प्रतिबंध का ऐलान इसलिए करना पड़ा क्योंकि पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने 2 साल पहले जून 2018 में उसको ग्रे सूची में डाल दिया था और वह इससे बाहर निकलने की कोशिश में है. फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने पाकिस्तान को 2019 के अंत तक आतंकियों पर लगाम कसने के लिए कार्ययोजना लागू करने के लिए कहा गया था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसकी समयसीमा बढ़ा दी गई है.