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जाते-जाते भारत को चीन के खतरे से आगाह कर गई ट्रंप सरकार, रूस की ओर भी इशारा

ट्रंप ने अमेरिकी संसद कैपिटल हिल पर अपने समर्थकों द्वारा किए गए हिंसा की चर्चा की. उन्होंने कहा, "कैपिटल पर हमले से सभी अमेरिकी भयभीत थे, राजनीति हिंसा उन सभी चीजों पर हमला है जिसे बतौर एक अमेरिकी हम जीते हैं, इसे कभी सहन नहीं किया जा सकता है.

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ट्रंप आज जो बाइडेन को सत्ता सौंप रहे हैं (फोटो-पीटीआई)
ट्रंप आज जो बाइडेन को सत्ता सौंप रहे हैं (फोटो-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आज राष्ट्रपति पद छोड़ रहे हैं 74 साल के ट्रंप
  • बैन के लिए ट्विटर फेसबुक को खरी खोटी
  • 'अमेरिका पालतू आत्माओं का दब्बू देश नहीं'

कुछ ही घंटों में अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी जो बाइडेन को सत्ता सौंपने जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विदाई संदेश में कैपिटल हिल पर अपने समर्थकों द्वारा हिंसा की आलोचना की. जो बाइडेन को आधिकारिक रूप से सत्ता सौंपने से पहले ट्रंप ने कहा कि कैपिटल हिल पर हमले से सभी अमेरिकी डरे हुए थे, इसे किसी की कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, हमें अब पहले से ज्यादा अपने साझे मूल्यों के प्रति एक होना होगा. 

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अपने आखिरी भाषण में ट्रंप कहीं दिलदार नजर आए तो कहीं बाइडेन की तारीफ में कंजूसी कर दी. लगभग 20 मिनट के एक प्री रिकॉर्डेड मैसे में ट्रंप ने राष्ट्रपति कार्यकाल को 'असाधारण विशेषाधिकार' बताया. 

नई सरकार को शुभकामना देते हुए ट्रंप ने कहा, "अब हमें नई सरकार मिलने जा रही है, हम उनकी सफलता के लिए कामना करते हैं और चाहते हैं कि वो अमेरिका सुरक्षित और समृद्ध रखे.

व्हाइट हाउस में 4 साल गुजारने के बाद अब ट्रंप फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो रिजॉर्ट में जा रहे हैं. नई सरकार को सत्ता सौंपने की चर्चा करते हुए ट्रंप ने जो बाइडेन का नाम नहीं लिया. ट्रंप राष्ट्रपति चुनाव के बाद पैदा हुई तल्खी से निकल नहीं पाए हैं. ट्रंप ने सिर्फ इतना कहा, "अब जब मैं नए प्रशासन को सत्ता सौंपने जा रहा हूं, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि हमने जो आंदोलन शुरू किया है वो जारी रहेगा.  ये सिर्फ शुरुआत है.  
 
कैपिटल हिल पर हमले से आहत

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ट्रंप ने अमेरिकी संसद कैपिटल हिल पर अपने समर्थकों द्वारा किए गए हिंसा की चर्चा की. उन्होंने कहा, "कैपिटल पर हमले से सभी अमेरिकी भयभीत थे, राजनीति हिंसा उन सभी चीजों पर हमला है जिसे बतौर एक अमेरिकी हम जीते हैं, इसे कभी सहन नहीं किया जा सकता है, अब पहले से ज्यादा हमें अपने साझा मूल्यों के प्रति एक होने की जरूरत है और विभाजन के विद्वेष से ऊपर उठना है."

हमने देश को नया युद्ध नहीं दिया

ट्रंप ने अपनी कामयाबियों की चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि वो दशकों में पहले ऐसे राष्ट्रपति हुए जिन्होंने कोई नए युद्ध की शुरुआत नहीं की. 74 साल के ट्रंप ने 4 साल बाद राष्ट्रपति पद को अलविदा करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के रूप में अमेरिका को विदेशों से लगातार चुनौतियां मिलती रहती है, लेकिन हमारे सबसे बड़ा खतरा जो है वो ये है कि हम अपने आप में यकीन करना भूल रहे हैं. 

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दुनिया फिर से हमारी इज्जत करता है

रिपब्लिकन ट्रंप ने कहा कि अब दुनिया फिर से हमारी इज्जत करता है, हमनें अमेरिका की शक्ति और गर्व को वापस किया है. उन्होंने नई सरकार से कहा कि कृपया इस गर्व को बनाए रखें.  

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अमेरिका पालतू आत्माओं का दब्बू देश नहीं

बता दें कि कैपिलट हिल पर 6 जनवरी की हिंसा के बाद कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने ट्रंप को बैन कर दिया है. ट्रंप ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया. ट्रंप ने कहा, "अमेरिका में हम अपने आपको अभिव्यक्त करने की आजादी पर रोक लगाने में विश्वास नहीं करते हैं, अमेरिका पालतू आत्माओं का दब्बू देश नहीं है, जहां आप जिसे सहमत नहीं होते हैं उन्हें शरण देने की और सुरक्षित रखने की जरूरत महसूस होती है. हमलोग ऐसे नहीं है, न ही हमलोग ऐसा होंगे. 

चीन पर ऐतिहासिक प्रतिबंध लगाए

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि हमने चीन पर ऐतिहासिक व्यापार कर लगाए, उसके साथ कई नए समझौते किए. हमारी व्यापारी नीति तेजी से बदलती गई, इसकी वजह से अरबों डॉलर अमेरिका में आए. लेकिन वायरस ने हमें दूसरी दिशा में चलने के लिए मजबूर कर दिया. 

चीन के खतरे के प्रति आगाह

वहीं ट्रंप के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने एक सलाह में भारत को चीन और रूस से आगाह किया है. पोम्पियों ने ब्राजील, इंडिया, रूस और चीन का जिक्र करते हुए BRICS का जिक्र किया. पोम्पयो ने ट्वीट किया, "ब्रिक्स याद है? चलिए जायर बोल्सोनारो और नरेंद्र मोदी को धन्यवाद. B और I दोनों को पता है कि C और R उनके लोगों के लिए खतरा है. बता दें कि BRICS यानी कि ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्रीका का संगठन है. उन्होंने जाते-जाते स्पष्ट संकेत किया कि चीन और रूस ब्राजील और भारत के लिए खतरा पैदा करते हैं. 
 

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