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ट्रंप ने पहली बार दिखाई Gold Visa की झलक, बताया कबसे खरीद सकते हैं; Video

डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार गोल्ड वीजा की झलक दिखाई है. यह वीजा 50 लाख डॉलर में खरीदा जा सकता है. वीजा काफी महंगा है जो दुनिया के अमीरों के लिए अमेरिका में निवेश के मकसद से बनाया गया है.

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डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही गोल्ड कार्ड जारी करने वाले हैं (Photo- Reuters)
डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही गोल्ड कार्ड जारी करने वाले हैं (Photo- Reuters)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपना नया गोल्ड कार्ड वीजा दिखाते हुए कहा कि दो से भी कम हफ्तों में इसे खरीदा जा सकेगा. ट्रंप के गोल्ड कार्ड की कीमत 50 लाख डॉलर यानी करीब 42 करोड़ 53 लाख रुपये है जिसे चुकाकर कोई भी अमेरिका की नागरिकता हासिल कर सकता है.

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ट्रंप से जब पूछा गया कि गोल्ड कार्ड का पहला खरीददार कौन होने वाला है तो उन्होंने जवाब दिया, 'मैं पहला खरीददार हूं.'

गोल्ड कार्ड को लहराते हुए ट्रंप ने कहा, '50 लाख डॉलर लगाएं और ये कार्ड आपका हो सकता है... शायद यह दो हफ्तों से भी कम वक्त में उपलब्ध हो जाएगा. आप इसे लेकर काफी उत्साहित हैं, है न?' गोल्ड कार्ड पर ट्रंप की तस्वीर छपी है और यह सुनहरे रंग का है.

ट्रंप ने इसी फरवरी में अमीर विदेशियों को आकर्षित करने के लिए गोल्ड कार्ड जारी किया था ताकि वो अमेरिका में आकर निवेश कर सकें. इस गोल्ड कार्ड के जरिए कोई भी विदेशी अमेरिका में निवास कर सकता है और वहां की नागरिकता हासिल कर सकता है. ट्रंप का कहना है कि गोल्ड कार्ड से अमेरिकी राजस्व में खरबों डॉलर आएंगे और देश पर बढ़ता कर्ज भी कम होगा.

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ट्रंप ने कहा था, 'यह कुछ हद तक ग्रीन कार्ड जैसा है, लेकिन इसका स्तर काफी ऊंचा है. यह लोगों, खासकर अमीरों और अत्यधिक कुशल लोगों के लिए अमेरिकी नागरिकता का रास्ता भी है.'

क्या है गोल्ड कार्ड प्रोग्राम?

गोल्ड कार्ड प्रोग्राम के तहत ट्रंप गोल्ड कार्ड वीजा जारी करने वाले हैं जिसे कोई भी अमीर विदेशी 50 लाख डॉलर देकर खरीद सकता है. अमेरिका में पहले से ही इस तरह का एक प्रोग्राम है जिसे EB-5 इमिग्रेंट इन्वेस्टर वीजा कहा जाता है.

यह निवेश वीजा प्रोग्राम 1990 से शुरू हुआ था जिसके तहत प्रवासी कम से कम 10 लाख डॉलर (करीब 8.75 करोड़ रुपये) देकर अमेरिका का ग्रीन कार्ड हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा लो इनकम एरिया में 8 लाख डॉलर का निवेश, जिससे कम से कम 10 नौकरियां पैदा होती हैं, उसके तहत भी अमेरिकी नागरिकता हासिल की जा सकती है. 2024 में 4,500 से अधिक EB-5 वीजा जारी किए गए थे.

ट्रंप का नया गोल्ड कार्ड स्कीम  EB-5 की जगह लेगा. EB-5 वीजा को लेकर अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक ने कहा था है कि यह बकवास वीजा प्रोग्राम है जो कि भ्रष्टाचार का जरिया बन गया है. नया निवेश वीजा हालांकि, पुराने वाले के मुकाबले काफी महंगा है.

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गोल्ड कार्ड वीजा का भारत पर क्या होगा असर?

गोल्ड कार्ड वीजा स्कीन भारत के करोड़पतियों के लिए एक बड़ा अवसर है. भारत के करोड़पति बिजनेसमैन व्यवसाय के लिए अमेरिका पलायन कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में बिजनेस करने में काफी कठिनाइयां आती है और देश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में भी काफी नीचे है.

वैसे में भारत के अमीर अमेरिका पलायन कर सकते हैं जहां उन्हें और उनके परिवार को भी अच्छी सुविधाएं मिलेंगी. इससे भारत से अमीरों का पलायन बढ़ सकता है. 

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