अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन की तारीफ करते हुए उन्हें एक बेहद सम्मानित व्यक्ति बताया है. दोनों के रिश्तों में इस नरमी के बावजूद भी अमेरिका पूरे तौर पर उत्तर कोरिया पर भरोसा नहीं कर पा रहा है. ऐसा इस लिए कि अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर लगाए गए प्रतिबंध को नहीं हटाया है. अमेरिका का कहना कि जब तक उत्तर कोरिया परमाणु कार्यक्रमों को काफी हद तक समाप्त न कर दे ऐसा नहीं किया जाएगा.
बता दें, उत्तर कोरिया की मीडिया ने बताया था कि किम जोंग उन ने घोषणा की है कि प्योंगयांग अब परमाणु या बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण नहीं करेगा. इसके साथ ही वह अपनी परमाणु परीक्षण साइट भी बंद कर देगा.
इस खबर के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुशी जाहिर की थी. उन्होंने ट्वीट भी किया था कि, 'नॉर्थ कोरिया ने परमाणु परीक्षण न करने का ऐलान किया है. ये न सिर्फ नॉर्थ कोरिया के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर है.'
North Korea has agreed to suspend all Nuclear Tests and close up a major test site. This is very good news for North Korea and the World - big progress! Look forward to our Summit.
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) April 20, 2018
इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण को लेकर लगतार ट्वीट करते रहे हैं. उन्होंने एक ट्वीट ये भी किया कि, 'हम लोग उत्तर कोरिया के विवाद को लेकर काफी आगे बढ़ गए हैं. हो सकता है सब सही हो जाए, हो सकता है सब सही न हो. ये सिर्फ वक्त बताएगा. लेकिन जो काम मैं आज कर रहा हूं ये बहुत पहले हो जाना चाहिए था.'
....We are a long way from conclusion on North Korea, maybe things will work out, and maybe they won’t - only time will tell....But the work I am doing now should have been done a long time ago!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) April 22, 2018
वहीं, अब डोनाल्ड ट्रंप ने किम को सम्मानित इंसान बताया है. उन्होंने कहा, 'वह (किम जोंग उन) काफी खुले हुए हैं और हम जो देख रहे हैं, उससे लगता है कि वे एक बेहद सम्मानित इंसान हैं. इन वर्षों में उत्तर कोरिया ने काफी वादे किए लेकिन वे कभी भी इस स्थिति में नहीं थे.'
जल्द मिलेंगे ट्रंप और किम
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जल्द ही मुलाकात कर सकते हैं. दुनिया पर मंडराए तीसरे विश्वयुद्ध के खतरे को खत्म करने के लिए इन दोनों नेताओं की मुलाकात मई के आखिर या जून के शुरूआती हफ्ते में होनी है.
मुलाकात में दिक्कत यह है कि ट्रंप को उत्तर कोरिया जाने से परहेज़ है और किम को अमेरिका जाने से खौफ सता रहा है. वहीं दक्षिण कोरिया, जापान, रूस और चीन पर दोनों मुल्कों की सुरक्षा एजेंसियों को इस मुलाकात से ऐतराज़ है. लिहाज़ा यूरोपियन देश स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में यह मुलाकात हो सकती है. लेकिन यहां तक पहुंचने में भी किम पुरातन कालीन विमान धोखा दे सकता है.
उत्तर कोरिया कोरिया के 3200 किमी के दायरे में जो देश आते हैं उनमें चीन, जापान, रूस, ताइवान, दक्षिण कोरिया और मंगोलिया शामिल हैं. चीन और रूस में अमेरिका नहीं मिलना चाहेगा और दक्षिण कोरिया और जापान में किम को अपनी सुरक्षा का खतरा है. ताइवान पर किम को भरोसा नहीं है. तो अब मंगोलिया ही एक ऐसा देश बचता है, जहां मौजूदा वक्त की ये सबसे बड़ी राजनीति मुलाकात हो सकती है.