बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की पहली कैबिनेट बैठक हुई जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि उनके मंत्रिमंडल के कुछ सदस्य एलन मस्क से 'थोड़े असहमत' हैं. बैठक के दौरान ट्रंप ने सरकारी खर्च और केंद्रीय कर्मचारियों की संख्या में कटौती के लिए मस्क और DOGE में उनकी टीम की तारीफ की. साथ ही मजाकिया अंदाज में ही सही लेकिन ट्रंप ने मस्क से नाराज कैबिनेट सदस्यों को चेतावनी भी दे डाली.
DOGE यानी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी का नेतृत्व मस्क के हाथ में है. यह एक एडवायजरी बॉडी है जो ट्रंप के कार्यकारी आदेश के बाद अस्तित्व में आई. अमेरिका की हर सरकारी एजेंसी के लिए DOGE के चार कर्मचारी काम करते हैं. ट्रंप के DOGE का मिशन सरकारी कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना और बेवजह के सरकारी खर्चों में कटौती करना है.
मस्क ने दावा किया है कि DOGE ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर और सरकारी कार्यक्रमों में कटौती करके अब तक अमेरिकी करदाताओं के लगभग 65 अरब डॉलर बचाए गए हैं.
अरबपति मस्क से नाराज हैं कैबिनेट के कुछ लोग
सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों और ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों को मस्क जो निर्देश दे रहे हैं, वो कैबिनेट सचिवों को परेशान कर रहे हैं. ट्रंप ने भी कैबिनेट बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि उनके मंत्रिमंडल के कुछ सदस्य एलन मस्क से थोड़े असहमत हैं.
ट्रंप ने कहा, 'उनके मन में एलन और उनके काम के प्रति बहुत सम्मान है लेकिन कुछ लोग इससे थोड़ा असहमत भी हैं. लेकिन मैं आपको बता दूं कि मुझे लगता है कि सभी लोग न केवल खुश हैं, बल्कि रोमांचित भी हैं.'
कैबिनेट सदस्यों को ट्रंप ने दी चेतावनी?
एलन मस्क कैबिनेट के सदस्य नहीं हैं, बावजूद इसके ट्रंप ने उन्हें बैठक को संबोधित करने की अनुमति दी.
इसी दौरान ट्रंप ने मजाकिया लहजे में ही सही लेकिन चेतावनी के अंदाज में पूछा, 'क्या कोई एलन से नाखुश है? अगर कोई है, तो हम उन्हें यहां से बाहर निकाल देंगे.' ट्रंप के इतना कहने के बाद कैबिनेट रूम में मौजूद सदस्यों ने तालियां बजाईं.
पिछले हफ्ते एलन मस्क ने सभी केंद्रीय कर्मचारियों को एक ईमेल भेजा था जिसमें उनसे उनके पिछले काम का ब्योरा मांगा गया था. मस्क ने ईमेल में कहा था कि कर्मचारी पिछले सात दिनों में किए गए अपने पांच वैसे काम बताएं जिसमें वो साबित कर सकें कि उन्हें नौकरी से क्यों नहीं निकाला जाना चाहिए. इसके बाद अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर उन्होंने कहा कि जो लोग तय समय में ईमेल का जवाब नहीं देंगे, उनकी नौकरी जा सकती है.
हालांकि, कई केंद्रीय एजेंसियों ने अपने कर्मचारियों को मस्क के मेल को अनदेखा करने के लिए कहा, जिसमें काश पटेल के नेतृत्व वाली एफबीआई भी शामिल है. बुधवार को कैबिनेट की बैठक के दौरान मस्क ने कहा कि ईमेल का उद्देश्य उन कर्मचारियों की पहचान करना था, जो काम पर आए बिना सैलरी ले रहे हैं. मस्क ने कहा कि ट्रंप की मंजूरी के बाद ही यह कदम उठाया गया था.
व्हाइट हाउस के अनुसार, मंगलवार तक 10 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों ने इस मेल का जवाब दिया है.