अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दुनिया के देशों पर व्यापक टैरिफ का ऐलान किया. उन्होंने यह टैरिफ अपने प्रतिद्वंद्वियों पर तो लगाया ही, साथ ही अपने करीबी व्यापारिक सहयोगियों को भी नहीं बख्शा. ट्रंप ने 2 अप्रैल को 'Liberation Day' बताते हुए कहा कि 'ये (टैरिफ) हमारी आजादी की घोषणा है.' ट्रंप का कहना है कि टैरिफ लगाने से अमेरिका का व्यापार घाटा कम होगा, कंपनियां अमेरिका में आकर ही उत्पादन शुरू करेंगी और नौकरियों में इजाफा होगा. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप का यह कदम वैश्विक व्यापार युद्ध शुरू कर सकता है और देशों की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर सकता है.
ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान पर दुनिया भर के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है. भारत की तरफ से केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा है कि भारत पहले टैरिफ का विश्लेषण करेगा. भारत पर ट्रंप ने 27% का टैरिफ लगाया है. इसे लेकर मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप के लिए अमेरिका पहले है और मोदी जी के लिए भारत पहले है. हम सबसे पहले इसका (टैरिफ का) विश्लेषण करेंगे, फिर इसके प्रभावों का आकलन करेंगे और देखेंगे कि इससे कैसे डील करना है.'
बाकी देशों ने कैसी प्रतिक्रिया दी?
चीन
चीन ने गुरुवार को अमेरिका के नए टैरिफ की निंदा करते हुए कहा कि वो इन तरीकों का 'दृढ़ता से विरोध करता है और अपने अधिकारों, हितों की रक्षा के लिए जवाबी उपाय' लागू करेगा.
गुरुवार को एक बयान में, चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने टैरिफ की आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मानदंडों का उल्लंघन बताया और तर्क दिया कि इससे प्रभावित देशों के वैध अधिकारों को काफी नुकसान पहुंचता है.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी
ट्रंप की सहयोगी इटली की जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि यह फैसला "गलत" है. लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो ट्रे़ड वॉर यानी व्यापार युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका के साथ समझौते की दिशा में काम करेंगी.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन
ईयू की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप का यूरोपीय संघ समेत पूरी दुनिया पर टैरिफ लगाने की घोषणा दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है. इससे अनिश्चितता बढ़ेगी और संरक्षणवाद को बढ़ावा मिलेगा. दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए इसके भयंकर परिणाम होंगे.'
आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन ने कहा कि 'आज रात अमेरिका ने यूरोपीय संघ से आयात पर 20% टैरिफ लगाने का निर्णय अत्यंत खेदजनक है. मेरा दृढ़ विश्वास है कि टैरिफ से किसी को कोई लाभ नहीं होता. मेरी और सरकार की प्राथमिकता आयरलैंड की नौकरियों और यहां की अर्थव्यवस्था की रक्षा करना है.'
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि स्पेन एक खुली दुनिया के लिए प्रतिबद्ध रहेगा. उन्होंने कहा, 'स्पेन अपनी कंपनियों और श्रमिकों की रक्षा करेगा और एक खुली दुनिया के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.'
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह यूरोप के लिए बेहद मुश्किल होने वाला है. उन्होंने कहा, 'यह यूरोप के लिए बेहद कठिनाई भरा है. मेरा मानना है कि यह अमेरिका और उसके नागरिकों के लिए भी बेहद विनाशकारी साबित होने वाला है.'
ताइवान के प्रधानमंत्री चो जंग-ताई
ताइवान पर अमेरिका ने 32% का टैरिफ लगाया है. इस टैरिफ को लेकर देश के प्रधानमंत्री चो जंग ने कहा कि यह बेहद अनुचित कदम है. उन्होंने कहा कि वो अमेरिका के समक्ष गंभीरता से अपनी बात रखेंगे.
दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू
दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने कहा कि वैश्विक व्यापार युद्ध सच हो गया है. अमेरिका ने दक्षिण कोरिया पर 26% का टैरिफ लगाया है. डक सू ने कहा है कि उनकी सरकार व्यापार संकट पर काबू पाने के तरीकों पर विचार करेगी.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा है कि वो अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने के लिए "लड़ाई" लड़ेंगे ताकि टैरिफ के प्रभाव को कम किया जा सके. उन्होंने कहा है कि दुनिया एक नए युग में प्रवेश कर रही है.
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बुधवार को कहा कि कनाडा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ का जवाब देगा. कनाडा की प्रतिक्रिया पर चर्चा के लिए कैबिनेट की बैठक से पहले उन्होंने प्रेस से बात करते हुए कहा, 'उद्देश्य और ताकत के साथ काम करना जरूरी है और हम यही करेंगे.'
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने का फैसला 'किसी दोस्त का काम नहीं' है लेकिन उन्होंने अमेरिका के खिलाफ रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने से इनकार कर दिया.
अल्बनीज ने मीडिया से कहा, 'ट्रंप प्रशासन के टैरिफ का कोई तार्किक आधार नहीं है और ये टैरिफ दोनों देशों की साझेदारी के विरुद्ध है. यह किसी दोस्त का काम नहीं है.'