अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की तारीख करीब आ रही है. दोनों कद्दावर पार्टियों के नेता धुंआधार प्रचार में जुटे हुए हैं. जमकर रैलियां की जा रही हैं और वोटर्स को साधने के लिए एक से एक वादे किए जा रहे हैं. इस बीच ट्रंप ने ईसाई मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस बार उन्हें बंपर वोटों से जिताएं. इसके बाद उन्हें फिर कभी वोट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं. लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी को उनका यह बयान कतई रास नहीं आया.
डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस की कैंपेन टीम ने ट्रंप के इस ध्रुवीकृत बयान को लेकर निशाना साधा है. हैरिस की टीम का कहना है कि ट्रंप की मंशा लोकतंत्र को खत्म करने की है और उनके इस बयान से इसे आसानी से समझा जा कता है.
'हैरिस फॉर प्रेसिडेंट' कैंपेन के प्रवक्ता जेम्स सिंगर का कहना है कि जब कमला हैरिस कहती हैं कि यह चुनाव आजादी को लेकर है तो वह इसमें यकीन रखती हैं. हमारे लोकतंत्र को अपराधी ट्रंप से खतरा है. ट्रंप इस देश को पीछे ले जाना चाहते हैं. वह देश की राजनीति को नफरत और डर की ओर धकेलना चाहते हैं. इस नवंबर हमें एकजुट होकर ट्रंप को रोकना होगा.
ट्रंप ने क्या कहा था?
रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में कंजरवेटिव ग्रुप टर्निंग प्वॉइट एक्शन की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि ईसाइयों से कहा था कि अगर वह नवंबर में उन्हें वोट देते हैं तो उन्हें दोबारा वोट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
ट्रंप ने कहा था कि ईसाई आबादी बड़ी तादाद में बाहर निकलकर वोट करें. सिर्फ इस बार. इसके बाद आपको वोट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. चार साल में सब दुरुस्त कर देंगे. इसके बाद वोट करने की जरूरत नहीं रहेगी.
उन्होंने कहा था कि ईसाइयों मैं आपसे प्यार करता हूं. मैं ईसाई हूं. आपको बाहर निकलकर वोट करना होगा. चार सालों में आपको वोट नहीं करना होगा. हमें ऐसा करेंगे कि आपको वोट नहीं करना पड़े.
इससे पहले दिसंबर में फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अगर वह राष्ट्रपति चुनाव जीतते हैं तो वह तानाशाह बनेंगे लेकिन सिर्फ एक दिन के लिए ताकि मेक्सिको के साथ लगी दक्षिणी सीमा को बंद कर सकें और ऑयल ड्रिलिंग का विस्तार कर सकें. हालांकि, इस बयान पर विवाद बढ़ने पर ट्रंप ने इसे सिर्फ मजाक बताया था.
कमला हैरिस से होगा ट्रंप का सामना
राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप का सामना डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस से होगा. कमला हैरिस दरअसल बाइडेन के स्थान पर चुनाव लड़ेंगीं. बाइडेन ने देशहित की बात कहकर राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी.