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इंडोनेशिया के बाली में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 7.0 रही तीव्रता

रिक्टर स्कूल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे के डेटा के मुताबिक भूकंप गिल्ली एयर द्वीप के उत्तर-पूर्व में लगभग 182 किलोमीटर (113 मील) दूर था. फिलहाल भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई. वहीं जान-माल के नुकसान की भी कोई जानकारी नहीं है.

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इंडोनेशिया के बाली सागर क्षेत्र में भूकंप (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इंडोनेशिया के बाली सागर क्षेत्र में भूकंप (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इंडोनेशिया के बाली सागर क्षेत्र में मंगलवार तड़के (भारतीय समयानुसार) भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्कूल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे के डेटा के मुताबिक भूकंप गिल्ली एयर द्वीप के उत्तर-पूर्व में लगभग 182 किलोमीटर (113 मील) दूर था. फिलहाल भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई. वहीं जान-माल के नुकसान की भी कोई जानकारी नहीं है.

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जानकारी के मुताबिक बनयुवांगी, बाली और लोम्बोक के कुछ हिस्सों में भी हल्के से मध्यम भूकंप  झटके महसूस किए गए हैं. आने वाले दिनों में आफ्टरशॉक की संभावना है. इससे पहले पिछले साल नवंबर में, इंडोनेशिया के पश्चिम जावा प्रांत में 5.6 तीव्रता के भूकंप के कारण 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. वहीं हजारों लोग घायल हुए थे.

क्यों आता है भूकंप

हमारी पृथ्वी प्रमुख तौर पर चार परतों से बनी है. यानी इनर कोर (Inner Core), आउटर कोर (Outer Core), मैंटल (Mantle) और क्रस्ट (Crust). क्रस्ट सबसे ऊपरी परत होती है. इसके बाद होता है मैंटल. ये दोनों मिलकर बनाते हैं लीथोस्फेयर (Lithosphere). लीथोस्फेयर की मोटाई 50 किलोमीटर है. जो अलग-अलग परतों वाली प्लेटों से मिलकर बनी है. जिसे टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) कहते हैं.

धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं. रगड़ती हैं. एकदूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं. रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. 

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रिक्टर स्केल पर ऐसे मापी जाती है तीव्रता

भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपीसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है.

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