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Exclusive: यूक्रेन का ओरेहोव शहर, महज 10 किलोमीटर की दूरी से बम बरसा रही है रूसी सेना

यूक्रेन का ओरहोव शहर यहां जिपोरिशिया से सिर्फ 45 किलोमीटर की दूरी पर है. यहां से महज 10 किमी की दूरी पर रूसी सेना ने डेरा जमा रखा है और शहर की दहलीज पर आकर बमबारी की जा रही है.

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यूक्रेन में रूसी सेना लगातार बम बरसा रही है, यहां कई घर तबाह हो चुके हैं
यूक्रेन में रूसी सेना लगातार बम बरसा रही है, यहां कई घर तबाह हो चुके हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ओरेहोव में रूसी सेना की बमबारी से घरों में घुसे हैं लोग
  • रोजाना एक हजार से ज्यादा धमाके, स्कूल-अस्पताल तक सुरक्षित नहीं

रूस-यूक्रेन युद्ध का आज यानी रविवार को 53वां दिन है. यूक्रेन में रूसी हमले तेज होते जा रहे हैं. यहां लोग दशहत में जिंदगी जी रहे हैं. यूक्रेन के मारयुपोल से लेकर खारकीव शहर तक रूसी हमले से तबाह हो गए हैं. रूस ने अब यूक्रेन की राजधानी कीव पर भी अटैक करना शुरू कर दिया है. इस बीच, आज तक की टीम यूक्रेन के ओरहोव शहर पहुंची. यहां रूसी हमले के निशान दास्तान बयां कर रहे हैं. स्थानीय लोगों को खुद पता नहीं है कि वे कब रूसी सैनिकों के निशाने पर आ जाएं और जिंदगी से हाथ धो बैठें. 

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यूक्रेन के जिपोरिशिया से सिर्फ 45 किलोमीटर दूर ओरहोव शहर है और यहां से महज 10 किमी की दूरी पर रूसी सेना ने डेरा जमा रखा है और शहर की दहलीज पर आकर बमबारी की जा रही है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, रूसी सेना के द्वारा रोजाना हवाई हमले किए जा रहे हैं. शहर में घर, स्कूल, अस्पताल तक को टारगेट बनाया जा रहा है.

शहर से महज 10 किमी दूरी पर रूसी सेना 

शहर के हालात ऐसे हैं कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं. स्थानीय लोग घरों में छिपकर बैठे हैं. लोगों का कहना है कि जहां से रूसी सेना लगातार बम गिरा रही है, वो इलाका शहर से महज 10 किमी है. कभी भी कुछ भी हो सकता है. ऐसे में वह जरूरी काम होने पर भी घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. 

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रास्ते सुनसान, सिर्फ धमाकों की गूंज 

हालात यह हैं कि पूरे शहर में सन्नाटा पसरा है. दूर-दूर तक एक आदमी भी नजर नहीं आता है. गलियां और सड़कें सुनसान पड़ी हैं. रास्तों वीरान से नजर आ रहे हैं. बताते हैं कि ओरहोव के स्कूल में 12 घंटे पहले ही जमकर गोलाबारी हुई है.  

धमाके से सब कुछ बिखर गया 

यहां के स्थानीय निवासी विक्टर के घर पर रूसी सेना ने बम गिराया है. आज तक की टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा तो सब कुछ तहस-नहस होकर बिखरा पड़ा था. जब आज तक की टीम यहां जायजा ले रही थी, तब भी वहां पर धमाकों की जोर-जोर आवाज आ रही थी. 

रोजाना एक हजार से ज्यादा धमाके 

स्थानीय एक बुजुर्ग ने बताया कि यहां रोज 1 हजार शेलिंग (धमाके) होते है. एक दिन मैं रात को गिन रहा था तो हजार के बाद भूल गया कि कितना नंबर आया. धमाके बेहद करीब हो रहे हैं. आवाज करीब होती जाती है. ऐसे में जान की फिक्र होने लगती है.

रूस ने जगह-जगह लगा रखी हैं माइंस 

इसके आज तक की टीम ने मिलिट्री ऑफिसर निकोलाइव से बात की है. उन्होंने बताया कि यहां पर लगातार टारगेट हो रहा है. जगह-जगह माइंस लगी हुई है. जगह-जगह हरिकेन टॉर्नेटो से हमला हो रहा है. 

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साइकोलॉजिकल आतंक फैला रहा रूस: मिलिट्री अफसर 

यहां पर कुछ भी छोड़ा नहीं जा रहा. अस्पताल स्कूल या फिर घर. नागरिक यहां रह रहे हैं. यहां मिलिट्री का कोई अड्डा नहीं है. इसके बावजूद लगातार नागरिकों को डराने की कोशिश हो रही है. यहां रूसी साइकोलॉजिक आतंक फैलाना चाहते हैं.

 

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