फेसबुक पर अमेरिका में मुकदमों की झड़ी लग गई है. इस सोशल मीडिया साइट पर आरोप है कि यह यूजर राइट्स का उल्लंघन करके प्राइवेट मैसेजों को पढ़ लेता है और उनसे डेटा एकत्र करता है.
मुकदमा करने वाले दो लोगों ने दावा किया है कि यह सोशल साइट लोगों की निजी बातचीत को स्कैन करती है. इस तरह की सूचना को वह विज्ञापनदाताओं, मार्केटिंग करने वालों और अन्य को दे देती है. ये मुकदमे इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन्स प्राइवेसी ऐक्ट और कैलिफोर्निया प्राइवेसी कानून के तहत किए गए हैं.
एक मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक ने योजनाबद्ध तरीके से यूजरों की अनुमति के बगैर उनके व्यक्तिगत और प्राइवेट मेसेज पढ़े हैं और इस तरह से उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन किया है. यह मुकदमा 30 दिसंबर को उत्तरी कैलिफोर्निया के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दाखिल किया गया है.
इसमें कहा गया है कि फेसबुक में प्राइवेट मेसेज इसलिए भेजे जाते हैं कि यूजर यह सोचता है कि वह एक ऐसी सेवा ले रहा है जो हर तरह की निगरानी से मुक्त है. ऐसी हालत में वह कुछ ऐसी बातें भी बता जाता है जो आम तौर पर वह नहीं बताता. यह फेसबुक के लिए एक लाभप्रद मौका रहा है.
ये मुकदमे फेसबुक के दो यूजरों ने किया है जो अमेरिका के दो अलग-अलग प्रांतों में रहते हैं. ये मुकदमे फेसबुक इस्तेमाल करने वालों की ओर से किए गए हैं. मुकदमे में दावा किया गया है कि फेसबुक ने 2011 में टार्गेटेड विज्ञापनों से 2.7 अरब डॉलर की राशि कमाई. मुकदमे में कहा गया कि फेसबुक ने यूजरों के डेटा निकालने की बात छुपा ली है. यह मामला गूगल के मामले की ही तरह है जिसमें उस पर आरोप लगा है कि वह जी-मेल के कंटेंट स्कैन करके प्राइवेसी का उल्लंघन कर रहा है.
फेसबुक प्राइवेसी के मामले पर कई मुकदमे झेल रहा है. पिछले साल उसने यूजर नेम और इमेज के इस्तेमाल पर एक बड़ा मुकदमा निबटाया भी है. एक सर्वे के मुताबिक फेसबुक अमेरिका में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला सोशल नेटवर्क है और इसे 71 प्रतिशत ऑनलाइन लोग इस्तेमाल करते हैं.