अगर आपको मशहूर सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक की लत लग चुकी है तो यह खबर आपके लिए है. आने वाले तीन साल में फेसबुक अपने 80 फीसदी यूजर्स खो देगा और बहुत जल्द 'ब्यूबॉनिक प्लेग' जैसी खतरनाक बीमारी की तरह इसका भी जड़ से खात्मा हो जाएगा. यह कहना है अमेरिकी वैज्ञानिकों के एक समूह का.
ब्रिटिश अखबार 'टेलीग्राफ' में छपी खबर के मुताबिक, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने फेसबुक की लत की तुलना प्लेग की बीमारी से की है. उनका दावा है कि फेसबुक खतरनाक संक्रामक बीमारी की तरह फैली लेकिन अब लोग फेसबुक के प्रति आकर्षण कम होने लगा है, या यूं कहा जाए कि फेसबुक के प्रति एक किस्म की इम्युनिटी लोगों में आ गई है. उनके मुताबिक, 2017 तक फेसबुक को ज्यादातर यूजर्स छोड़ देंगे.
4 फरवरी को ही फेसबुक को 10 साल पूरे हो रहे हैं. फिलहाल यह माईस्पेस और बेबो जैसे प्रतिद्वंद्वियों से कहीं आगे है. गूगल सर्च में फेसबुक को कितनी बार टाइप किया जाता है, इस आधार पर शोधकर्ता जॉन कैनरेला और जोशुआ स्पेचलर ने यह अनुमान लगाया है. उन्होंने पाया कि दिसंबर 2012 के मुकाबले फेसबुक सर्च में कमी आई है.
शोधकर्ताओं के शोध पत्र के मुताबिक, 'आइडियाज संक्रमण की तरह लोगों में फैलते हैं, बिल्कुल बीमारियों की तरह. लेकिन एक समय ऐसा आता है कि जब लोगों में उनके प्रति इम्युनिटी विकसित हो जाती है. इसे महामारी विज्ञान के मॉडल की तरह समझा जा सकता है.'
फेसबुक यूजर्स के ताजा आंकड़े अक्टूबर में जारी हुए थे. इसके मुताबिक सोशल साइट को करीब 120 करोड़ लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर डेविड एबर्समैन ने माना है कि पिछले तीन महीनों में उनके यूजर्स, खास तौर से टीन यूजर्स की संख्या घटी है.
वेब जानकारों के मुताबिक, फेसबुक के डेस्कटॉप ट्रैफिक में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है कि लोग अब मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करने लगे हैं. एक अनुमान के मुताबिक, 87 लाख लोग अपने स्मार्टफोन से हर महीने फेसबुक इस्तेमाल करते हैं. इसलिए गूगल पर उन्हें फेसबुक टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ती.
ऐसी खबरों के बावजूद फेसबुक के शेयरों के दाम बढ़ते ही जा रहे हैं. मार्क जकरबर्ग की यह कंपनी 8 लाख 75 करोड़ रुपये की हो गई है.