फ्रांस की राजधानी पेरिस समेत पूरा देश पिछले खतरनाक हिंसा की चपेट में है. 17 साल के युवक नाहेल की मौत के बाद फ्रांस में एक दशक का सबसे भयानक दंगा हो रहा है. प्रदर्शनकारी यहां खुलेआम अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं. हालात इस कदर बेकाबू हो चुके हैं कि प्रदर्शनकारियों के मन में पुलिस का कोई खौफ नहीं है. इस बीच दंगाइयों ने पेरिस के मेयर के घर पर भी हमला किया है.
पेरिस के दक्षिणी हिस्से के मेयर विंसेंट जीनब्रून (39) ने फ्रेंच टीवी को बताया,'अचानक ऐसा आभास हुआ कि घर के अंदर कोई है. अंदर घुसे लोगों ने मोर्टार से गोलीबारी शुरू कर दी. हमले के वक्त मेरी पत्नी और बच्चे घर के अंदर सो रहे थे. इसमें कोई संदेह नहीं है कि वे घर को जलाना चाहते थे. दंगाइयों को जैसे ही आभास हुआ कि घर के अंदर कोई है, उन्होंने सीधे फायरिंग शुरू कर दी.'
बता दें कि हमले में घायल विंसेंट की पत्नी का ऑपरेशन कराना पड़ा है. मेयर विंसेंट जीनब्रून ने कहा कि मेयर के तौर पर पेरिस में यह उनका दूसरा कार्यकाल है. 29 साल की उम्र में वह पहली बार शहर के मेयर चुने गए थे. आज उनकी उम्र 39 साल है. इन दो कार्यकालों में उन्होंने कभी नहीं सोचा कि उनकी वजह से उनकी पत्नी और बच्चों की जिंदगी पर खतरा पैदा होगा. उन्होंने आगे कहा कि हार मानने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि अगर वह डर गए तो दंगाइयों की जीत हो जाएगी.
सब कुछ तबाह
पेरस में हिंसा से बस ट्रांसपोर्ट ठप हो गया है और दर्जनों बसें तबाह हो चुकी हैं. प्रदर्शनकारियों के निशाने पर दुकान, दफ्तर, बैंक, शॉपिंग मॉल, लाइब्रेरी और स्कूल हैं. हालात बिगड़ते देख फ्रांस की पीएम ने मंत्रियों के साथ बैठक के बाद ऐलान किया कि वो फ्रांस में इमरजेंसी भी घोषित की जा सकती हैं. दंगे के तीसरे ही दिन 249 पुलिसवाले जख्मी हुए वहीं पुलिस ने 875 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस हिंसा फैलने के लिए सोशल मीडिया और बच्चों की खराब परवरिश को दोष दिया है.