यूक्रेन से युद्ध के कारण आर्थिक प्रतबंधों का सामना कर रहे रूस पर जी-7 देशों ने एक और प्रहार किया है. रूसी अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के मकसद से जी-7 देशों ने रूसी कच्चे हीरों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. रिपोर्ट के मुताबिक, जी-7 देशों ने 1 जनवरी 2024 से रूसी मूल के कच्चे और प्रोसेस्ड (कटिंग और पॉलिशिंग) हीरों के सीधे आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है.
नए प्रतिबंधों के अनुसार रूसी हीरों का सत्यापन ट्रैसेबेलिटी आधारित होगा. इसके तहत हीरे को खनन के समय से लेकर सप्लाई चेन और ग्राहक तक ट्रैक किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हीरा रूस का नहीं है.
भारत के जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने जी-7 देशों के इस फैसले पर चिंता जताई है. काउंसिल ने आग्रह किया है कि समय सीमा को और आगे बढ़ाया जाए. दो महीना पहले ही जी-7 देशों के प्रतिनिधि हीरा व्यापार और विनिमार्ण व्यापार को समझने के लिए सूरत और मुंबई आए थे.
90 प्रतिशत हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग भारत में
जी-7 देशों के इस फैसले से भारत के व्यापारी इसलिए चिंतित हैं क्योंकि दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग भारत में होती है. इन हीरों में रूसी हीरे भी शामिल होते हैं. भारत रूस के अलरोसा से हीरे आयात करता है. दुनिया के कुल हीरे का लगभग 30 प्रतिशत हीरे का उत्पादन अलरोसा में होता है. आयातित हीरों को प्रोसेस्ड कर भारतीय डायमंड कंपनियां जी-7 देशों को निर्यात करती हैं. रूसी हीरों पर प्रतिबंध लगाने से भारत के 10 लाख लोगों के रोजगार पर तलवार लटक सकती है.
जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चैयरमेन विपुल साह की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "हालांकि, जी-7 देशों का यह निर्णय चौंकाने वाला नहीं है, लेकिन भारतीय रत्न और आभूषण बाजार के लिए यह चिंता का विषय है. ऐसे प्रतिबंधों और उसे इंप्लीमेंटेशन यानी कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए हमने जी-7 देशों के साथ बातचीत की थी. प्रतिबंधों के लिए तय समय सीमा पर हमें आपत्ति है. आभूषण उद्योग की विविधता को ध्यान में रखते हुए हमारा मानना है कि तय समयसीमा में और अधिक लचीलापन होना चाहिए.
विपुल शाह ने आगे कहा कि काउंसिल सरकार के पास अपना प्रतिनिधित्व भेजेगी. हमें विश्वास है कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भारतीय बाजार के हितों से किसी भी तरह से समझौता नहीं किया जाए.
जी-7 देशों ने रूसी हीरों पर लगाया बैन
ग्रुप ऑफ सेवन ने बुधवार को एक बयान जारी करते हुए कहा है कि 1 जनवरी 2024 से रूस में खनन, प्रोसेस्ड या प्रोड्यूस गैर औद्योगिक हीरों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे. इसके बाद किसी अन्य देश में रूसी प्रोसेस्ड हीरों पर फेज वाइज प्रतिबंध लगाया जाएगा. इसका लक्ष्य 1 मार्च 2024 है.
बयान में आगे कहा गया है कि जी-7 देशों की ओर से उठाया गया यह कदम प्रभावशाली हो, इसके लिए सभी सदस्य देश जो कच्चे हीरे के आयातक हैं, वो 1 सितंबर तक कच्चे हीरों की पहचान के लिए ट्रैसबिलिटी आधारित वैरिफिकेशन और सर्टिफिकेशन सिस्टम बनाएंगे. इसके कार्यान्वयन के लिए उत्पादक और विनिर्माण देशों के साथ हम लगातार संपर्क में रहेंगे.
G-7 समूह में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल है.