जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज ने संसद में विश्वास मत खो दिया है. सोमवार को जर्मन संसद ने मतदान किया जिसमें ओलाफ शोल्ज और उनकी सरकार ने सदन में विश्वास मत खो दिया. इससे आगामी 23 फरवरी, 2025 को समय से पहले होने वाले चुनाव का रास्ता साफ हो गया है.
विश्वास मत सत्र के दौरान 733 संसद सदस्यों में से 207 ने शोल्ज सरकार के पक्ष में मतदान किया जबकि 394 ने विरोध में वोट डाला. यह प्रस्ताव पिछले महीने शोल्ज के तीन-पक्षीय गठबंधन के पतन के बाद आया है. शोल्ज ने बजट और आर्थिक नीतियों पर असहमति के कारण नवंबर में पूर्व वित्त मंत्री क्रिश्चियन लिंडनर को बर्खास्त कर दिया था.
लिंडनर ने छोड़ा गठबंधन का साथ
लिंडनर की फ्री डेमोक्रेटिक पार्टी (एफडीपी) ने गठबंधन से बाहर निकलने का विकल्प चुना था. इससे शोल्ज के सोशल डेमोक्रेट्स (एसपीडी) और ग्रीन्स संसद में अल्पमत में आ गए थे. जर्मनी के सामने यह राजनीतिक संकट ऐसे वक्त में खड़ा हुआ है जब देश पहले से आर्थिक और इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है.
60 दिनों के भीतर कराना होगा चुनाव
जर्मनी के संविधान के अनुसार, अगर चांसलर विश्वास मत हार जाते हैं, तो राष्ट्रपति संसद को भंग कर सकते हैं और चुनाव करा सकते हैं. अब जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टीनमीयर के पास संसद भंग करने के लिए 21 दिन का समय है और 60 दिनों के भीतर चुनाव कराना होगा.
पार्टियां कर चुकी हैं अपने चांसलर उम्मीदवारों की घोषणा
आगामी चुनाव के लिए प्रचार पहले ही शुरू हो चुका है, हालांकि विश्वास मत पर वोटिंग सोमवार को हुई. पार्टियों ने अपने चांसलर उम्मीदवारों की भी घोषणा कर दी है. सरकार गिरने के बावजूद, एसपीडी ने शोल्ज को अपने चांसलर उम्मीदवार के रूप में चुना है, जबकि विपक्षी नेता फ्रेडरिक मर्ज़ सीडीयू पार्टी की तरफ से शीर्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे.