अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के खिलाफ डिबेट में कुछ ऐसा कह दिया कि जर्मनी भड़क गया है. ट्रंप ने दावा किया कि जर्मनी को नवीकरणीय ऊर्जा की तरफ अपने कदम बढ़ाने पर पछतावा है. उन्होंने जर्मनी का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि अमेरिका को इस तरह की नीतियां नहीं अपनानी चाहिए. ट्रंप के इस बयान पर जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने पलटवार करते हुए ट्रंप का मजाक उड़ाया है.
प्रेसिडेंसियल डिबेट के दौरान ट्रंप ने कमला हैरिस पर निशाना साधते हुए कहा था कि वो कहती हैं कि देश की ऊर्जा नीति को और विविध करेंगी जिसमें ग्रीन एनर्जी पर फोकस रहेगा. जर्मनी ने भी ऐसी ही कोशिश की थी लेकिन वो जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता कम करने में असफल रहा था.
ट्रंप ने कहा था, 'जर्मनी ने नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर अपनी कोशिश की और एक ही साल में वो पारंपरिक बिजली संयंत्र बनाने पर आ गया.'
ट्रंप के इस बयान को लेकर जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, 'चाहें आप इसे पसंद करने या ना करें, लेकिन आपको यह बात स्वीकारनी होगी कि जर्मनी का एनर्जी सिस्टम पूरी तरह से काम कर रहा है जिसमें 50% से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है. और एक बात... हम कोयला और परमाणु संयंत्रों को बंद कर रहे हैं - उनका निर्माण नहीं कर रहे हैं. कोयला 2038 तक ग्रिड से बाहर हो जाएगा.'
जर्मन विदेश मंत्रालय ने उड़ाया ट्रंप का मजाक
इसी के साथ ही जर्मन विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के उस बेतुके दावे पर निशाना साधते हुए उनका मजाक उड़ाया जिसमें उन्होंने कहा था कि हैती से अमेरिका आकर बसे अवैध प्रवासी पालतू कुत्तों और बिल्लियों का मांस खा रहे हैं.
मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'और अंत में, हम कुत्तों और बिल्लियों का मांस नहीं खाते... # Debate2024.'
विदेश मंत्रालय के इस पोस्ट को रिट्वीट करते हुए जर्मनी के इकोनॉमी मंत्रालय ने ट्रंप के दावे को खारिज किया कि जर्मनी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल बढ़ा रहा है और कोयला से चलने वाला बिजली संयंत्र बना रहा है. मंत्रालय ने लिखा, 'नए कोयला-आधारित बिजली संयंत्र? हम ऐसा कुछ नहीं बना रहे!'
हैरिस या ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में किसका समर्थन कर रहा जर्मनी
जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने सीधे तौर पर कमला हैरिस का समर्थन नहीं किया है, लेकिन जुलाई में उन्होंने हैरिस की तारीफ की थी. जर्मन चांसलर ने कहा था, 'हैरिस एक सक्षम और अनुभवी नेता हैं, जो जानती हैं कि उन्हें क्या करना है. वो एक ऐसी नेता हैं जो अमेरिकी चुनाव जीत सकती हैं.'
ट्रंप के कार्यकाल 2017-21 के दौरान व्यापार और रक्षा मुद्दों को लेकर जर्मनी और अमेरिका के बीच तनातनी रही. अमेरिका के साथ अपने ट्रेड सरप्लस को लेकर जर्मनी हमेशा ट्रंप के निशाने पर रहा. रक्षा पर कम खर्च को लेकर भी ट्रंप जर्मनी से नाराज रहे.
इधर, ट्रंप ने वादा किया है कि अगर वे चुनाव जीतते हैं तो आयात पर अधिक टैरिफ लगाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा है कि वो अपने NATO सैन्य गठबंधन के देशों को इसी शर्त पर समर्थन देंगे अगर वो अपने जीडीपी का 2% रक्षा पर खर्च करेंगे. जर्मन अधिकारियों ने हाल ही में कहा है कि उन्हें इस साल 2% का लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद है.