तालिबान अब अफगानिस्तान में अपनी नई सरकार बनाने के लिए कदम बढ़ा चुका है. धीरे-धीरे वह देश की नीतियों को लेकर फैसले ले रहा है, इसी कड़ी में सोमवार को तालिबान (Taliban) ने अफगानिस्तान के सेंट्रल बैंक का नया कार्यकारी गवर्नर नियुक्त किया है.
हाजी मोहम्मद इदरीस को ये जिम्मेदारी दी गई है, जो संकट से जूझ रहे अफगानिस्तान (Afghanistan) के केंद्रीय बैंक की देखरेख करेंगे.
हायर एजुकेशन नहीं, फिर भी बैंक की कमान
अब तालिबान ने जिस हाजी मोहम्मद इदरीस (Haji Mohammad Idris) को केंद्रीय बैंक की जिम्मेदारी सौंपी है, वह लंबे वक्त तक तालिबानी नेता रहे मुल्ला अख्तर मंसूर की आर्थिक गतिविधियां संभालता रहा है. मुल्ला अख्तर मंसूर को 2016 में एयरस्ट्राइक में मार दिया गया था.
मोहम्मद इदरीस के पास कोई हायर एजुकेशन नहीं है, ना ही फाइनेंशियल मामलों का एक्सपर्ट है लेकिन क्योंकि वह लंबे वक्त से तालिबान की आर्थिक गतिविधियों को संभाल रहा है, इसलिए उसपर भरोसा जताते हुए ये ज़िम्मेदारी दी गई है. तालिबान का कहना है कि मोहम्मद इदरीस ने भले ही किताबी पढ़ाई ना की हो, लेकिन वह अपने काम में शानदार है.
आर्थिक हालात सुधारने में जुटा तालिबान
अमेरिका के जाने के बाद अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया. तालिबान को कई देश आतंकी संगठन मानते हैं, ऐसे में अफगानिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद रोक दी गई है. इसलिए अब देश चलाने के लिए तालिबान को सबसे ज्यादा जरूरत पैसे की पड़ने वाली है और आर्थिक संकट को दूर करने की ज़िम्मेदारी अब हाजी मोहम्मद इदरीस को दे दी गई है.
लंबे वक्त से अफगानिस्तान में आर्थिक गतिविधियां रुक सी गई हैं, ऐसे में तालिबान की ओर से कोशिश की जा रही है कि इन गतिविधियों को शुरू किया जाए. माना जा रहा है कि तालिबान जल्द ही रुकी हुई सैलरी रिलीज कर सकता है, ताकि लोगों में काम पर लौटने का भरोसा जताया जा सके.