हमास ने सोमवार को इजरायल पर सीजफायर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है और कहा कि गाजा अलगी सूचना तक इजरायली बंधकों की रिहाई पर रोक लगा दी है. हमास के इस फैसले के बाद से दोनों के बीच फिर से संघर्ष शुरू होने का खतरा बढ़ गया है.
हमास सैन्य शाखा के प्रवक्ता अबू उबैदा ने कहा कि शनिवार को होने वाली अगली निर्धारित बंधक रिहाई तब तक स्थगित रहेगी, जब तक कि इजरायल सीजफायर समझौते का पालन नहीं करता और पिछले हफ्तों की भरपाई नहीं करता.
अबू उबैदा ने कहा कि इजरायल पर फिलीस्तीनियों पर गोलीबारी करने, उत्तरी गाजा में लोगों के लौटने में देरी और पट्टी में मानवीय सहायता को पहुंचने से रोकना का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि शनिवार को इजरायल और फिलिस्तीनी बंधकों की अदला-बदली होनी थी, जिसमें सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में तीन और इजरायली बंधकों को रिहा किया जाना था.
हमास के प्रवक्ता ने ये भी कहा कि 19 जनवरी से शुरू हुए सीजफायर काफ़ी हद तक कायम है. हालांकि, कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं. जिनमें इजरायली सेना द्वारा फ़िलिस्तीनियों की हत्या की गई है और हमास ने बंधकों के नाम बताने में देरी की है, जिन्हें वह रिहा करना चाहता था. सहायता एजेंसियों का कहना है कि सीजफायर के बाद से गाजा में मानवीय सहायता की मात्रा में वृद्धि हुई है.
बैठक करेंगे नेतन्याहू
इसके बाद इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा कि हमास की घोषणा ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया है और उन्होंने सेना को गाजा और घरेलू रक्षा के लिए उच्चतम स्तर की तत्परता बरतने के निर्देश दिए हैं. एक इजरायली अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार सुबह डिफेंस, NSA और विदेश मंत्री के साथ बैठक करेंगे.
मिस्र के दो सुरक्षा सूत्रों ने सोमवार को रॉयटर्स को बताया कि मध्यस्थों को युद्ध विराम समझौते के टूटने का डर है. कतर और मिस्र ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर इस समझौते की मध्यस्थता की है. अब तक समझौते के पहले 42-दिवसीय चरण में रिहा किये जाने वाले 33 बंधकों में से 16 घर लौट आएं हैं, साथ ही पांच तिहाई बंधकों को भी अनिर्धारित रिहाई के तहत वापस लौटा दिया गया है. इसके बदले में इजरायल ने सैकड़ों कैदियों और बंदियों को रिहा किया है, जिनमें घातक हमलों के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी और युद्ध के दौरान बिना किसी आरोप के हिरासत में लिए गए फिलिस्तीनी लोग शामिल हैं.
वहीं, हमास की घोषणा के बाद इजरायली बंधक परिवारों और उनके समर्थकों ने सोमवार रात को तेल अवीव के उस क्षेत्र को घेर लिया, जिसे अब बंधक चौक के रूप में जाना जाता है. प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर समझौते को न छोडने का दबाव डाला. प्रदर्शन में लगभग 2 हजार से ज्यादा लोग शामिल थे.